10 Children Adopted in Eight Months : बठिंडा। जिले में बच्चों को सुरक्षित और बेहतर पारिवारिक माहौल देने की दिशा में पिछले आठ महीनों के दौरान 10 बच्चों को कानूनी प्रक्रिया के तहत गोद दिया गया है। इनमें पांच लड़के और पांच लड़कियां शामिल हैं। खास बात यह है कि तीन बच्चों को अमेरिका, कनाडा और इटली के परिवारों ने अपनाया है, जबकि सात बच्चों को देश के विभिन्न राज्यों के परिवारों ने गोद लिया है। उपायुक्त राजेश धीमान ने लोगों से अपील की है कि बच्चा गोद लेने के लिए केवल सरकार की निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और अधिकृत एजेंसियों का ही सहारा लें।
बताया गया कि जो परिवार बच्चा गोद लेना चाहते हैं, उन्हें भारत सरकार के ‘सेंट्रल एडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी’ (CARA) के पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। गोद लेने की प्रक्रिया तभी पूरी होती है जब सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए जाएं और कानूनी शर्तों को पूरा कर लिया जाए। उपायुक्त ने बताया कि बठिंडा जिले में केवल दो अधिकृत ‘स्पेशलाइज्ड एडॉप्शन एजेंसियां’ (विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसियां) हैं: रेड क्रॉस एडॉप्शन एजेंसी (जो थर्मल प्लांट की झीलों के पास, महंत गुरबंता दास स्कूल के बगल में स्थित है) और नथाना में स्थित ‘श्री अनंत अनाथ आश्रम’।
इनके अलावा, जिले में किसी अन्य संस्था को बच्चों को गोद दिलाने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है। इसके अलावा, दोनों केंद्रों पर ‘पालने’ (बच्चों को छोड़ने की जगह) भी बनाए गए हैं, ताकि जो माता-पिता अपने बच्चे की देखभाल करने में असमर्थ हैं, वे उन्हें वहां सुरक्षित छोड़ सकें। लोगों से अपील की गई है कि वे बच्चा गोद लेने या किसी को देने के लिए किसी भी गैर-कानूनी तरीके का सहारा न लें, और सरकार द्वारा तय की गई कानूनी प्रक्रिया का ही सख्ती से पालन करें।
इस अवसर पर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी रवनीत कौर सिद्धू ने बताया कि जो लोग बच्चा गोद लेना चाहते हैं, वे संबंधित विभाग या किसी अधिकृत ‘विशेष दत्तक ग्रहण एजेंसी’ (Specialized Adoption Agency) से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानूनी प्रक्रिया का पालन करने से बच्चों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को सुनिश्चित किया जा सकता है, साथ ही इससे उनका भविष्य भी उज्ज्वल बनता है। बच्चा गोद लेने के लिए पंजीकरण वेबसाइट: https://cara.wcd.gov.in/

