1000 Specialist Doctor Posts Vacant in Punjab : अमृतसर। पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य श्वेत मलिक ने राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था की बिगड़ती हालत को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला है।
शनिवार को अमृतसर में बोलते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में सरकारी अस्पताल मानो भगवान भरोसे चल रहे हैं और वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी है। मलिक ने कहा कि सरकार ने ‘दिल्ली मॉडल’ के नाम पर पंजाब में ‘मोहल्ला क्लीनिक’ (आम आदमी क्लीनिक) तो खोल दिए, लेकिन इसके चक्कर में उन्होंने बड़े अस्पतालों को अंदर से खोखला कर दिया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अपने आंकड़ों के अनुसार, राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों के स्वीकृत 2,098 पदों में से लगभग 1,000 पद खाली पड़े हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह संकट इसलिए और गहरा गया है क्योंकि 2022 से पंजाब में विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक भी नियमित भर्ती नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री जो पंजाब में ‘स्वास्थ्य क्रांति’ का दावा करते हैं, उन्हें यह बताना चाहिए कि अब तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती क्यों नहीं की गई है। मलिक ने कहा कि सर्जनों, स्त्री रोग विशेषज्ञों (गायनेकोलॉजिस्ट), बाल रोग विशेषज्ञों (पीडियाट्रिशियन) और एनेस्थेटिस्ट (बेहोशी के डॉक्टरों) के मामले में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है। उन्होंने बताया कि इसी को देखते हुए सरकार ने अक्टूबर 2025 में 78 सेवानिवृत्त विशेषज्ञों को एक साल के अनुबंध पर रखा था; उनका कार्यकाल अब नवंबर 2026 में खत्म होने वाला है।
इसके बाद ये पद भी खाली हो जाएंगे, जिससे समस्या और भी विकट हो जाएगी। मुख्यमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए कि सरकार इस समस्या को दूर करने के लिए क्या कदम उठा रही है। मलिक ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री विज्ञापनों में तो दावा करते हैं कि इलाज मुफ्त है, लेकिन अगर अस्पतालों में डॉक्टर ही नहीं होंगे तो इलाज कौन करेगा? उन्होंने मांग की है कि सरकार इस मामले पर एक ‘श्वेत पत्र’ (व्हाइट पेपर) जारी करे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही हालात नहीं सुधरे, तो भाजपा जिला स्तर पर अस्पतालों के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगी।

