1984 Sikh Riot Victims Demand Cancellation of Congress Rally : लुधियाना। 1984 के सिख नरसंहार के पीड़ितों ने कांग्रेस की 1 नवंबर को दिल्ली में प्रस्तावित रैली का विरोध करते हुए इसे अपने जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा बताया है।
1984 सिख दंगा पीड़ित कल्याण सोसाइटी के प्रतिनिधियों सुरजीत सिंह और गुरदीप कौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस से रैली रद्द करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांग नहीं मानी गई तो 1 नवंबर को कांग्रेस नेताओं के पुतले जलाकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पीड़ितों ने नरसंहार के दौरान हुई हिंसा और महिलाओं के साथ कथित यौन उत्पीड़न का जिक्र करते हुए न्याय की मांग भी उठाई।
कांग्रेस पार्टी को 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली अपनी बड़ी रैली रद्द कर देनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अगर कांग्रेस ऐसा नहीं करती है, तो वे 1 नवंबर को कांग्रेस नेताओं के पुतले जलाएंगे। इस बारे में और जानकारी देते हुए, ‘1984 सिख दंगा पीड़ित कल्याण सोसाइटी’ के प्रतिनिधि सुरजीत सिंह और गुरदीप कौर ने बताया कि नरसंहार के दौरान महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न किया गया था, और परिवारों के सदस्यों के गले में टायर डालकर उन्हें जिंदा जला दिया गया था।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी आने वाले चुनावों के मद्देनजर 1 नवंबर को एक रैली करने की योजना बना रही है। उन्होंने इसे सिख पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा बताया—एक ऐसी हरकत जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कांग्रेस पार्टी ने रैली रद्द नहीं की, तो वे कांग्रेस नेताओं के पुतले जलाएंगे। अब यह देखना बाकी है कि 1984 के दंगा पीड़ितों के इस विरोध के बाद 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस पार्टी की रैली रद्द होती है या नहीं। यह 1 तारीख को साफ हो जाएगा।

