
AAP government zero tolerance policy: पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई मुहिम के दौरान सोमवार को जहां एटीपी व नक्शा नवीस को रिश्वत लेने के आरोप में काबू किया, वहीं ग्राम पंचायत सचिव गुरमेल सिंह को भी रंगे हाथ काबू किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी शून्य सहिष्णुता नीति के अनुसार पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने फगवाड़ा नगर निगम के सहायक टाऊन प्लानर (एटीपी) राज कुमार और एक निजी आर्किटैक्ट राजेश कुमार को 50,000 रुपए रिश्वत लेने के आरोप में फगवाड़ा से गिरफ्तार किया है, वहीं पटियाला जिले के एक ठेकेदार द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर पंचायत सचिव गुरमेल सिंह को गिरफ्तार किया है। विजीलैंस प्रवक्ता ने कहा कि शिकायतकर्ता ने विजीलैंस ब्यूरो के पास पहुंचकर आरोप लगाया कि उसने वर्ष 2023 में बरनाला जिले के गांव फतेहगढ़ छन्ना में पंचायती जमीन पर 3,84,000 रुपए की लागत से सोलर पंप लगाया था लेकिन उक्त पंचायत सचिव ने बिलों पर अगली कार्रवाई हेतु कमीशन के तौर पर 20,000 रुपए रिश्वत की मांग की है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि इस शिकायत की प्रारंभिक पड़ताल के बाद विजीलैंस ब्यूरो की टीम ने एक जाल बिछाया और उक्त पंचायत सचिव को 2 सरकारी गवाहों की उपस्थिति में शिकायतकत्र्ता से 20,000 रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। दोनों मुलजिमों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विजीलैंस ब्यूरो थाना पटियाला रेंज में केस दर्ज किया गया है। उन्हें मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा और इस केस की अगली जांच जारी है।
इसी तरह, फगवाड़ा के एक निवासी से मिली शिकायत की पड़ताल के आधार पर की गई हैं। शिकायतकत्र्ता ने सतर्कता ब्यूरो से संपर्क करके आरोप लगाया कि उक्त निजी आर्किटैक्ट ने शुरू में संबंधित नगर योजनाकार (टाऊन प्लानिंग) अधिकारी के माध्यम से घर के नक्शे की योजना की स्वीकृति दिलाने के लिए 1,50,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी। प्रारंभिक पुष्टि के बाद जालंधर रेंज की सतर्कता ब्यूरो की एक टीम ने एक जाल बिछाया, जिसके दौरान एटीपी और आर्किटैक्ट दोनों को 2 सरकारी गवाहों की उपस्थिति में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। उन्होंने आगे कहा कि दोनों आरोपियों के विरुद्ध सतर्कता ब्यूरो के थाना जालंधर रेंज में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें मंगलवार को सक्षम अदालत में पेश किया जाएगा और आगे की जांच जारी है।