मोगा: मालवा के प्रसिद्ध सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में अपनी पहचान बना चुके मोगा के 21वें ‘मेले तीयां दा-2026’ का आयोजन धूमधाम से किया गया। मेले के दौरान पंजाबी संस्कृति, लोक परंपराओं, गिद्धा, बोलियों और पंजाबी विरासत के रंग देखने को मिले। महिलाओं और युवतियों ने गिद्धा डालकर और बोलियां गाकर मेले की रौनक में चार चांद लगा दिए। पिछले 16 वर्षों से Anti Corruption Awareness Org. Punjab की ओर से जनहित, समाज सेवा और पंजाबी संस्कृति के संरक्षण के लिए लगातार विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी के तहत हर वर्ष आयोजित होने वाला ‘तीज का मेला’ आज केवल मोगा ही नहीं, बल्कि पूरे मालवा क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बना चुका है। मेले में हर वर्ष बड़ी संख्या में महिलाएं और परिवार शामिल होकर पंजाबी विरासत और लोक संस्कृति के रंगों का आनंद लेते हैं।
समारोह में मोगा की विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और मोगा नगर निगम की मेयर विनय पाल कौर ने विशेष रूप से शिरकत की। इस दौरान महिलाओं द्वारा गाए जा रहे बोलियों और गिद्धे को देखकर दोनों ने भी महिलाओं के साथ नृत्य कर तीज की खुशी साझा की। उन्होंने महिलाओं और बेटियों को तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं तथा पंजाबी संस्कृति को जीवंत रखने के लिए ऐसे आयोजनों की सराहना की। विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने कहा कि तीज का त्योहार पंजाबी संस्कृति की एक महत्वपूर्ण लोक परंपरा है, जो महिलाओं की खुशी, आपसी प्रेम, भाई-बहन के स्नेह और पारिवारिक एकता का संदेश देता है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाबी परंपरा में तीज का समय बेटियों के लिए विशेष महत्व रखता है। विवाहित बेटियों को मायके बुलाने और उनके साथ खुशियां साझा करने की परंपरा रही है। इस दौरान भाई अपनी बहनों के लिए मिठाइयां, बिस्कुट, फल और अन्य उपहार लेकर जाते हैं। इस तरह तीज केवल नाचने-गाने का त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम और पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने वाली पंजाबी लोक परंपरा भी है।तीज के दिनों में गांवों और मोहल्लों में महिलाएं और युवतियां एकत्र होकर गिद्धा डालतीं, बोलियां गातीं और पींगें झूलतीं थीं। रंग-बिरंगे पंजाबी परिधान, फुलकारियां, परांदे और पारंपरिक आभूषण तीज की रौनक को और बढ़ाते थे। तीज की बोलियों में हास्य-मजाक, पारिवारिक रिश्तों, प्रेम और पंजाब के लोक जीवन की झलक देखने को मिलती है।
मेयर विनय पाल कौर ने कहा कि पंजाबी संस्कृति की समृद्ध विरासत को संभालना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि तीज जैसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से बच्चों और युवा पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं, पंजाबी पहनावे, लोक गीतों, गिद्धे और बोलियों से जोड़ा जा सकता है।मेले के दौरान महिलाओं ने गिद्धे की प्रस्तुतियों और बोलियों से खूब रंग जमाया। विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा और मेयर विनय पाल कौर द्वारा महिलाओं के साथ मिलकर नृत्य कर खुशी साझा करने का दृश्य समारोह का विशेष आकर्षण रहा।तीज की रौनक ने मोगा को पंजाबी संस्कृति के रंग में रंग दिया। मेले ने यह संदेश दिया कि यदि हम अपनी लोक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाते रहें तो पंजाबी संस्कृति की यह अनमोल विरासत हमेशा जीवंत रहेगी।
📍 Location: मोगा

