222 गांव ओडीएफ प्लस, 352 कचरा प्रोजेक्ट पूरे

222 Villages Declared ODF Plus in Amritsar : अमृतसर। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत अमृतसर जिले में 352 ठोस कचरा प्रबंधन प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं, जबकि 101 प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं। जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में 222 गांवों के ओडीएफ प्लस घोषित होने सहित स्वच्छता योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
इस दौरान साहिल आनंद, जिला स्वच्छता कम इंजीनियर, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, मंडल नंबर-3, अमृतसर ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रहे विभिन्न प्रोजेक्टों की जानकारी देते हुए बताया कि जिला अमृतसर में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के अंतर्गत ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 855 ग्राम पंचायतों हेतु 28 करोड़ 30 लाख 55 हजार रुपये के फंड जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधन के तहत 855 ग्राम पंचायतों के लिए 5 करोड़ 43 लाख रुपये के फंड जारी किए गए हैं, जिनमें से 352 ठोस कचरा प्रबंधन प्रोजेक्टों का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 101 प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं।
जिले के 222 गांवों को ओडीएफ प्लस घोषित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, जिले में ब्लॉक स्तर पर 3 प्लास्टिक कचरा प्रबंधन प्रोजेक्ट स्थापित किए गए हैं तथा विभिन्न गांवों में लोगों की सुविधा के लिए 74 सामुदायिक शौचालय बनाए गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना के अंतर्गत गांवों से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे के उचित प्रबंधन के लिए जिले में मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों (एसटीपी) पर लगभग 42 लाख रुपये की लागत से को-ट्रीटमेंट सुविधा स्थापित करने का प्रस्ताव भी साझा किया गया।
बैठक के दौरान बताया गया कि जिले के ब्लॉक चोगावां के गांवों में बाबा भीरो वाला गौशाला, राम तीरथ गौशाला और सेवा समिति में गोबर गैस प्लांट स्थापित किए गए हैं। गोबर गैस प्लांटों से निकलने वाली स्लरी के उचित निपटान और उपयोग के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंडल नंबर-1, अमृतसर की ओर से नहरी जल परियोजना के तहत गांव कुक्कड़ांवाला के निकट पाइपलाइन बिछाने के दौरान आ रही समस्याओं के बारे में जानकारी दी गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर श्री रुपिंदर पाल सिंह ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रहे सभी विकास कार्य जल्द से जल्द पूरे किए जाएं तथा लोगों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध करवाने को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन के लिए सीवरेज बोर्ड और नगर निगम के साथ समन्वय स्थापित कर उचित प्रबंध करने, गोबर गैस प्लांटों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने तथा नहरी जल परियोजना से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
