
मोगा। पंजाब एंड सिंध बैंक द्वारा ग्रामीण क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से संचालित ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) मोगा से 27 युवाओं ने डेयरी फार्मिंग का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया। प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों ने डेयरी फार्मिंग को अपने व्यवसाय के रूप में अपनाने का निर्णय लिया है।
आरसेटी मोगा में आयोजित प्रमाण पत्र वितरण समारोह के दौरान डेयरी फार्मिंग प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में भाग लेने वाले 27 प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में गुरुद्वारा साहिब बाबा शहीदां, खोसा पांडो, मोगा के संत बाबा गुरमीत सिंह शामिल हुए। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित करते हुए स्वरोजगार अपनाने के लाभों के बारे में जागरूक किया तथा युवाओं को अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रेरित किया।
आरसेटी के सहायक महाप्रबंधक पंकजेश कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले सभी 27 प्रतिभागियों ने डेयरी फार्मिंग को अपना व्यवसाय चुना है। संस्थान और पंजाब एंड सिंध बैंक की ओर से उन्हें आधुनिक एवं व्यावहारिक ढंग से प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे अपना कारोबार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत गांव दुननेके में स्थापित आरसेटी मोगा को पंजाब एंड सिंध बैंक द्वारा प्रायोजित किया जा रहा है। संस्थान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के 18 से 50 वर्ष की आयु के बेरोजगार युवाओं, विशेषकर कमजोर वर्गों से संबंधित लोगों को कौशल प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार के योग्य बनाना है।
आरसेटी परिसर करीब एक एकड़ में फैला हुआ है, जहां प्रशासनिक, अकादमिक, छात्रावास और कैंटीन सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रमों के दौरान प्रशिक्षण, भोजन और आवास की सुविधा निशुल्क प्रदान की जाती है।
उन्होंने बताया कि संस्थान में अब महिलाओं के लिए सिलाई, कंप्यूटरीकृत अकाउंटिंग/सहायक बुककीपर, ब्यूटी पार्लर प्रबंधन, सॉफ्ट खिलौने निर्माण और फास्ट फूड स्टॉल उद्यमी जैसे विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी करवाए जाएंगे। इच्छुक युवा इन पाठ्यक्रमों के लिए पंजीकरण करवा सकते हैं।
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