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Kanpur में श्री अकाल तख्त साहिब के हैड ग्रंथी के बेटे समेत 3 लोगों की सड़क हादसे में हुई मौत

अमृतसर : श्री अकाल तख्त साहिब के हैड ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी मलकीत सिंह वरपाल के छोटे बेटे भाई हरचरणप्रीत सिंह रागी की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। इस दुर्घटना में एक दोस्त गुरप्रीत सिंह और ससुर जसबीर सिंह भी गुरु चरणों में चले गए। भाई हरचरणप्रीत सिंह 25 साल के थे। उनके परिवार में उनकी विधवा गगनप्रीत कौर और 2 साल का बच्चा हरि सिंह है।

जानकारी के मुताबिक, भाई हरचरणप्रीत सिंह कीर्तन करते थे और टाटानगर में कीर्तन दरबार में जा रहे थे। रास्ते में कानपुर में उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इससे उन तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। ज्ञानी मलकीत सिंह ने बताया कि शव 8 जून को अमृतसर पहुंचेंगे और 9 जून को अंतिम संस्कार किया जाएगा।

दुख की इस घड़ी में श्री दरबार साहिब के अतिरिक्त प्रमुख ग्रंथी ज्ञानी अमरजीत सिंह, ग्रंथी ज्ञानी गुरिमंदर सिंह, ज्ञानी राजदीप सिंह, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह, तख्त श्री केसगढ़ साहिब जत्थेदार ज्ञानी सुल्तान सिंह, शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी, सचिव प्रताप सिंह, ओएसडी सतबीर सिंह, अतिरिक्त सचिव बलविंदर सिंह काहलवां, बिजय सिंह बदीन, प्रोफेसर सुखदेव सिंह, कुलविंदर सिंह, जसविंदर सिंह जस्सी, हरभजन सिंह वक्ता, पूर्व मुख्य सचिव डॉ. रूप सिंह, दमदमी टकसाल के प्रमुख ज्ञानी राम सिंह, पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष रमेश सिंह अरोड़ा, पूर्व अध्यक्ष अमीर सिंह, बिशन सिंह, सतवंत सिंह, तारा सिंह, बीबी सतवंत कौर, चीफ खालसा दीवान के अध्यक्ष डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर, उपाध्यक्ष जगजीत सिंह बंटी, मानद सचिव सुखजिंदर सिंह प्रिंस आदि ने सिंह साहिब के साथ दुख व्यक्त किया।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले रुपयों के लेन-देन के चलते एक पाठी ने सिंह साहिब के 16 वर्षीय भतीजे की हत्या कर दी थी।

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