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पंजाब की 13 लोकसभा सीटों पर 328 उम्मीदवार लड़ेंगे चुनाव: Sibin C

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने कहा है कि पंजाब की 13 लोकसभा सीटों के लिए कुल 328 उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे, जबकि 2014 के लोकसभा चुनाव में 253 और 2019 में 278 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा था। उन्होंने बताया कि नामांकन वापसी की अंतिम तिथि तक कुल 25 उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस ले लिया है। इससे पहले, राज्य में 466 उम्मीदवारों ने 598 नामांकन पत्र दाखिल किए थे और कागजात के सत्यापन और पत्रों की वापसी के बाद, कुल उम्मीदवारों की संख्या 328 हो गई है, जिनमें 302 पुरुष और 26 महिला उम्मीदवार शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि लुधियाना लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा 43 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। अब जबकि यह स्पष्ट हो गया है कि कौन से उम्मीदवार मैदान में हैं, मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए भारत चुनाव आयोग की आदर्श आचार संहिता का पालन करने का आग्रह किया है। उन्होंने उम्मीदवारों से दूसरों की आलोचना करते समय निराधार आरोप लगाने और विवादास्पद बयान देने से बचने को कहा।

उन्होंने कहा कि बिना पूर्व लिखित अनुमति के रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउड स्पीकर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया गया है और स्थानीय यातायात नियमों का पालन करने को भी कहा गया है। इसके अलावा उन्होंने चुनाव प्रचार में लगे सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं से चुनाव प्रचार के दौरान और चुनाव के दिन बैज या पहचान पत्र दिखाने और वाहन नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाताओं को जारी किए जाने वाले अनौपचारिक पहचान पत्र सादे (सफेद) कागज पर होने चाहिए और उन पर किसी पार्टी का चिन्ह और उम्मीदवार का नाम या नाम नहीं होना चाहिए।

उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र के बाहर के मतदाताओं और उम्मीदवारों से प्रचार का दिन समाप्त होने के बाद निर्वाचन क्षेत्र छोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रिश्वतखोरी और किसी भी माध्यम से मतदाताओं को प्रभावित करना और मतदान केंद्रों के 100 मीटर के भीतर प्रचार करना जैसे अन्य चुनावी अपराध सख्ती से प्रतिबंधित हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से चुनावों की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नकद लेनदेन और बड़ी मात्रा में नकदी ले जाने से परहेज करने को भी कहा, उन्होंने कहा कि दूसरे दलों की सभाओं और जुलूसों में खलल डालना प्रतिबंधित है और मतदान केंद्रों के आसपास प्रचार सामग्री का प्रदर्शन नहीं किया जाना चाहिए।

सिबिन सी ने कहा कि निजी आवासों के बाहर प्रदर्शन या धरना भी प्रतिबंधित है और राजनीतिक बैठकों में किसी भी तरह के व्यवधान के खिलाफ पुलिस की सहायता ली जानी चाहिए। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 127 के अनुसार, कोई भी व्यक्ति जो सार्वजनिक बैठक में माहौल बिगाड़ता है, उसे छह महीने की कैद, दो हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

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