Last Updated: September 21, 2026

Dainik Savera Times Logo

‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ से हजारों मरीजों को मिली नई रोशनी: पंजाब में हुए 3,524 निःशुल्क आँखों के ऑपरेशन

July 29, 2026

‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ से हजारों मरीजों को मिली नई रोशनी: पंजाब में हुए 3,524 निःशुल्क आँखों के ऑपरेशन

पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ा रही है। अब यह योजना नेत्र रोगों के उपचार में भी बड़ी राहत साबित हो रही है। योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मरीजों को निःशुल्क आँखों की सर्जरी की सुविधा मिल रही है, जिससे समय पर इलाज संभव हो रहा है और खासतौर पर बुजुर्ग मरीजों पर आर्थिक बोझ कम हुआ है।

3,524 मरीजों की हुई मुफ्त सर्जरी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 3,524 मरीजों की आँखों की सर्जरी पूरी तरह निःशुल्क की जा चुकी है। इन उपचारों पर सरकार ने करीब 1.99 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आधुनिक नेत्र चिकित्सा उपलब्ध कराना और इलाज में होने वाली देरी को रोकना है।

मोतियाबिंद के सबसे अधिक ऑपरेशन

आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक 3,070 मरीजों की स्मॉल इन्सीजन कैटरैक्ट सर्जरी (SICS) नॉन-फोल्डेबल इंट्रा-ऑक्यूलर लेंस (IOL) के साथ की गई। इन ऑपरेशनों पर 1.54 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुआ। यह योजना के तहत हुई कुल नेत्र सर्जरियों का 87 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार, मोतियाबिंद बुजुर्गों में अंधत्व का सबसे बड़ा कारण है और समय पर सर्जरी से दृष्टि पूरी तरह बहाल की जा सकती है।

अन्य नेत्र रोगों का भी हो रहा मुफ्त इलाज

‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत केवल मोतियाबिंद ही नहीं, बल्कि कई अन्य जटिल नेत्र रोगों का भी निःशुल्क उपचार किया जा रहा है। अब तक 333 मरीजों का प्टेरीजियम विद कंजंक्टाइवल ऑटोग्राफ्ट ऑपरेशन किया गया, जिस पर 31.83 लाख रुपये खर्च हुए। इसके अलावा एंट्रोपियन करेक्शन, एक्ट्रोपियन करेक्शन, बच्चों की लेंस सर्जरी, ग्लूकोमा का उपचार, टियर डक्ट सर्जरी और भेंगापन (स्क्विंट) की सर्जरी जैसी सेवाएं भी योजना में शामिल हैं।

विशेषज्ञ बोले- आधुनिक इलाज अब सभी के लिए सुलभ

गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज, फरीदकोट के नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मुनीश धवन ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना ने आधुनिक नेत्र उपचार को आम लोगों की पहुंच में ला दिया है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत फेकोइमल्सिफिकेशन मोतियाबिंद सर्जरी, फोल्डेबल इंट्रा-ऑक्यूलर लेंस सहित उन्नत तकनीकों का लाभ मरीजों को बिना किसी शुल्क के दिया जा रहा है। साथ ही, समय पर इलाज न मिलने पर अंधत्व का कारण बनने वाले ग्लूकोमा का उपचार भी निःशुल्क उपलब्ध है।

स्वास्थ्य मंत्री ने समय पर इलाज कराने की अपील की

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सूचीबद्ध निजी अस्पतालों को योजना में शामिल किए जाने से पूरे राज्य में आधुनिक नेत्र उपचार अधिक सुलभ हुआ है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि धुंधला दिखाई देना, आँखों में जलन, लगातार पानी आना या पलकों से जुड़ी कोई असामान्यता महसूस हो तो उसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें