संगरूर : जिला पुलिस ने हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनसे 21 पिस्तौल बरामद किए हैं। स्थानीय पुलिस लाइन में आयोजित प्रैस कांफ्रैंस दौरान एडीजीपी पटियाला रेंज मुखविंदर सिंह छीना ने बताया कि थाना छाजली पुलिस ने सूचना मिलने पर महलां चौक में दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका और उनकी तलाशी लेने पर उनसे 21 पिस्तौल बरामद हुए। दोनों की पहचान लुधियाना निवासी बलजिंदर सिंह उर्फ रोक और करन शर्मा के रूप में हुई। दोनों के खिलाफ थाना छाजली में मामला दर्ज किया गया है।
पूछताछ दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी लुधियाना से मध्य प्रदेश में अवैध हथियार लेने गए थे और वापस आते समय बस बदलने के लिए महलां चौक पर उतर गए, जहां पुलिस पार्टी ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान यह बात भी सामने आई कि आरोपियों से यह पिस्तौल हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के देहलां निवासी कौशल उर्फ गग्गू ने मंगवाया था और उसने ही अवैध हथियार बनाने वाले व्यक्ति से उनका सम्पर्क कराया था। उन्होंने बताया कि गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में इनके आने-जाने और अन्य खर्च को लेकर राजीव कौशल के इशारे पर पैसे ट्रांसफर करने वाले लुधियाना निवासी हेमंत मनहोता को भी गिरμतार किया गया है। साथ ही राजीव कौशल को फिरोजपुर जेल से पेशी वारंट पर लाकर इस मामले में गिरफ्तार किया गया। राजीव कौशल से पूछताछ में यह बात सामने आई कि उसका सम्पर्क रवि बलाचौरिया और लारैंस बिश्नोई गिरोह के कुछ अपराधियों से है और इसने रवि बलाचौरिया के कहने पर ये हथियार मध्य प्रदेश से मंगवाए थे, जिन्हें आगे मोहाली, खरड़ और नवांशहर में विभिन्न अपराधियों को दिया जाना था।
कौशल ने बताया कि ये हथियार अवैध वसूली और आपसी गैंगवार में इस्तेमाल किए जाने थे। कौशल से इस काम में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी फिरोजपुर जेल से बरामद किया गया है। इस मामले में जिला पुलिस की टीम ने मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से हथियार बनाने वाले व्यक्ति से आरोपियों तक पहुंचाने वाले कोरीयर बुरहानपुर के खमाला निवासी गुड्डू को भी गिरफ्तार किया है जिससे पूछताछ कर हथियार बनाने वाले लोगों पर पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करने में सीआईए प्रभारी निरीक्षक अमरीक सिंह, थाना छाजली प्रभारी प्रतीक जिंदल, दिड़बा के थाना प्रभारी संदीप सिंह की अहम भूमिका रही।

