मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने ठेका और दिहाड़ी पर काम कर रहे कर्मचारियों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए वन विभाग के 516 दिहाड़ीदार कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित कर दिया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इसके साथ ही विभाग के 237 अधिकारियों और कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित पदोन्नतियों को भी मंजूरी दी गई। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक, वन विभाग के सचिव के.के. यादव सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
ठेकेदारी व्यवस्था खत्म करने का दावा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने ठेकेदारी व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 68 हजार से अधिक युवाओं को पूरी तरह मेरिट के आधार पर नियमित सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। पंजाब सरकार का उद्देश्य हर योग्य कर्मचारी को सम्मान, समान अवसर और रोजगार की सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
‘रंगला पंजाब‘ के विजन पर जोर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार “रंगला पंजाब” के अपने विजन को साकार करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना इसी सोच का हिस्सा है। उनका कहना था कि सरकार ऐसा कोई निर्णय नहीं लेती जिससे कर्मचारियों या राज्य के हितों को नुकसान पहुंचे।
65 हजार से अधिक ठेका कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि पंजाब में 65 हजार से अधिक ठेका आधारित कर्मचारी वर्षों से विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं। नई नीति के तहत अब कर्मचारियों और सरकार के बीच किसी ठेकेदार की भूमिका नहीं होगी। इससे कर्मचारियों को सीधे रोजगार मिलने के साथ भविष्य में नियमित सेवा का स्पष्ट मार्ग भी मिलेगा।
सेवा सुरक्षा और वेतन व्यवस्था की जानकारी
पंजाब सरकार के अनुसार 16 मई 2023 को लागू की गई नीति के तहत पात्र कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु तक सेवा सुरक्षा दी जाएगी। जनवरी 2024 में जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार इन कर्मचारियों के लिए स्पष्ट वेतन संरचना भी निर्धारित की गई है। जिन कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता निर्धारित मानकों से कम है, उन्हें भी विशेष छूट देकर नीति का लाभ देने का फैसला लिया गया है।
वन विभाग के कर्मचारियों के योगदान की सराहना
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वन विभाग के दिहाड़ीदार कर्मचारियों ने वर्षों तक पंजाब के जंगलों, हरित क्षेत्र और वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में वन विभाग के 1,458 दिहाड़ीदार कर्मचारियों को नियमित किया जा चुका है, जबकि बीते पांच वर्षों में 342 नए कर्मचारियों की नियमित भर्ती भी की गई है।
कर्मचारियों ने जताया ‘पंजाब सरकार‘ का आभार
कार्यक्रम में नियमित हुए कई कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे वर्षों से विभाग में सेवाएं दे रहे थे, लेकिन पहले कभी भी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नियमित नियुक्ति मिलने से उनके परिवारों का भविष्य सुरक्षित हुआ है और उनमें नई उम्मीद जगी है।
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