चंडीगढ़: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने महंगाई भत्ते (DA) मामले में अपना विस्तृत 76-पेज का फ़ैसला आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है, जिससे पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत मिली है।
इस फ़ैसले में पंजाब सरकार और PSPCL को साफ़ तौर पर निर्देश दिया गया है कि वे पात्र कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की सभी बकाया किश्तें 15 दिनों के भीतर जारी करें।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की डिवीज़न बेंच ने सिंगल बेंच के पिछले फ़ैसले को बरकरार रखा और पंजाब सरकार की अपीलें खारिज कर दीं। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि अगर तय समय के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है, तो बकाया राशि पर वास्तविक भुगतान की तारीख तक सालाना 6% साधारण ब्याज देना होगा।
हाई कोर्ट ने पंजाब के मुख्य सचिव को यह भी निर्देश दिया है कि वे इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें और 31 अगस्त, 2026 तक कोर्ट रजिस्ट्री में अनुपालन हलफ़नामा (compliance affidavit) जमा करें।
एक और महत्वपूर्ण निर्देश में, कोर्ट ने कहा कि जब तक DA/DR का सारा बकाया नहीं चुका दिया जाता, तब तक राज्य सरकार को गैर-ज़रूरी खर्चों से बचना चाहिए, जिसमें प्रिंट और सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर विज्ञापन अभियान भी शामिल हैं, क्योंकि ऐसे खर्च राज्य कर्मचारियों के वाजिब बकाया भुगतान न करने को सही नहीं ठहरा सकते।
76-पेज के इस विस्तृत फ़ैसले में आदेश को लागू करने के लिए ज़रूरी निर्देश और समय-सीमा बताई गई है, जिससे पंजाब सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण सेवा मामलों में से एक पर स्पष्टता आई है।
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