चंडीगढ़: हाल ही में बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित पंजाब में फसलों के नुकसान का आकलन करने के लिए आज केंद्र सरकार की 9 सदस्यीय टीम राज्य का दौरा करेगी। यह टीम प्रभावित जिलों में जाकर स्थिति का जायजा लेगी और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
उच्च स्तरीय टीम करेगी फील्ड निरीक्षण
केंद्रीय उपभोक्ता मामले एवं खाद्य मंत्रालय के उप निदेशक पी.के. सिंह के नेतृत्व में यह टीम भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राज्य प्रशासन के अधिकारियों के साथ मिलकर फसलों की स्थिति का मूल्यांकन करेगी।
गेहूं की गुणवत्ता पर भी नजर
निरीक्षण के दौरान टीम गेहूं के नमूने एकत्र करेगी, जिनकी गुणवत्ता रिपोर्ट के आधार पर आगे केंद्र सरकार द्वारा नीतिगत निर्णय लिया जा सकता है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार कई इलाकों में गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
बड़े पैमाने पर फसल नुकसान
राज्य में करीब 1.30 लाख एकड़ क्षेत्र में फसलों को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है, जबकि लाखों एकड़ में गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। मंडियों में आए गेहूं में नमी का स्तर भी मानक से अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
MSP नियमों में ढील की मांग
भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने केंद्र से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद नियमों में ढील देने की मांग की है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। सरकार चाहती है कि प्रभावित गेहूं को भी MSP पर खरीदा जाए।
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किसानों की नजर केंद्र के फैसले पर
किसान अब केंद्रीय टीम की रिपोर्ट और आगामी फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यदि नियमों में ढील दी जाती है, तो इससे राज्य के लाखों किसानों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है। इस बीच, केंद्र सरकार ने पहले ही राजस्थान में ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों को लेकर खरीद नियमों में ढील दी है, जिससे पंजाब में भी राहत की उम्मीद बढ़ गई है। अब सभी की नजरें केंद्र सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं, जो राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है।

