Last Updated: September 23, 2026

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अर्धनारीश्वर रूप में सजे भोले, दर्शन को उमड़ा आस्था का सैलाब

August 4, 2026

अर्धनारीश्वर रूप में सजे भोले, दर्शन को उमड़ा आस्था का सैलाब

A flood of faith surged for darshan : अमृतसर। दुर्गियाना तीर्थ के शिवपुरी स्थित शिवालय में भगवान शिव को अर्धनारीश्वर का रूप दिया गया। उन्हें सुंदर और काले फूलों से सजाई गई एक कुटिया में विराजमान किया गया। भक्त अर्धनारीश्वर के रूप में भगवान शिव के दर्शन करके अपना जीवन सफल बना रहे थे।

चारों सोमवार अलग-अलग रूपों में देंगे भोलेनाथ दर्शन

दर्शन के लिए श्मशान स्थित शिवालय में हज़ारों भक्त पहुंच रहे थे। शिवालय के सेवादार ने बताया कि इस महीने में चार सोमवार पड़ते हैं। पहले सोमवार को हमने ईश्वर की कृपा और आज्ञा से अर्धनारीश्वर का सिंगार किया है। भगवान शिव स्वयं ही सब कुछ करवाते हैं। इसी तरह, दूसरे सोमवार को फलों से सजावट की जाएगी। तीसरे सोमवार को भगवान शिव को बाबा बर्फ़ानी का रूप दिया जाएगा और आखिरी सोमवार को श्मशान की राख से उनका श्रृंगार किया जाएगा। उन्होंने भक्तों से अपील की कि वे चारों सोमवार को भगवान शिव के दर्शन करें। दुर्गियाना तीर्थ के संरक्षक राकेश शर्मा ने कहा कि सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा बहुत फलदायी होती है। केवल भगवान शिव के दर्शन मात्र से ही दुख दूर होते हैं और संकल्प पूरे होते हैं। आज शिवलिंग को जो रूप दिया गया है, उसकी सुंदरता का वर्णन नहीं किया जा सकता।

सावन में शिव पूजा का महत्व

सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और इस दौरान शिव पूजा का विशेष धार्मिक महत्व होता है। मान्यता है कि सावन में श्रद्धापूर्वक शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं तथा भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। यह माह आत्मशुद्धि, संयम, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है। अविवाहित युवतियां योग्य वर की प्राप्ति और विवाहित महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि व पति की लंबी आयु के लिए व्रत रखती हैं। सावन में की गई शिव आराधना से मानसिक शांति, आध्यात्मिक उन्नति और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

 

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