संगरूर: एसपी दिलप्रीत सिंह ने एसपी मुख्यालय संगरूर में प्रेस कांफ्रैंस करते बताया कि जिला पुलिस द्वारा बुरे अनसरों के खिलाफ चलाई गई मुहिम में उस समय सफलता मिली जब एक व्यक्ति को नकली पुलिस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करते हुए काबू किया गया तथा उसके पास से 30 हजार रु पए, पुलिस की वर्दी और पुलिस का लोगो लगी सफेद टी-शर्ट बरामद की गई। इस संबंध में एसपी दिलप्रीत सिंह ने बताया कि तरनवीर वर्मा निवासी बेनड़ा के खिलाफ एक लड़की को शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के आरोप में शिकायत दर्ज की गई थी। जब उप कप्तान पुलिस संगरूर द्वारा जांच की जा रही थी, तब तरनवीर वर्मा ने अपने भाई करणवीर वर्मा को अपने मित्र जसकरण सिंह निवासी पेधनी द्वारा अमृतपाल सिंह निवासी जाैलियां से मिलाया।
अमृतपाल सिंह ने अपने फेसबूक और इंस्टाग्राम पर अपनी पुलिस वर्दी में ओर पिस्टल के साथ फोटो डाली हुई थी, जो अपने आप को पुलिस अधिकारी बताता था, जिसने करनवीर वर्मा को कहा कि वह उसके भाई के खिलाफ चल रही दरखास्त को वहीं पर बंद करवा देगा और उसके भाई के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने देगा। इसके बदले अमृतपाल सिंह ने पुलिस के नाम पर करमवीर वर्मा से 2.30 लाख रुपए अपने बैंक खाते में गुगल पे करवाएं और ढाई लाख रुपए नगद ले लिए थे। इसके अलावा हाईकोर्ट के वकील के नाम पर 2 लाख रु पए और ले लिए। इसी प्रकार अमृतपाल सिंह ने कुल 6.80 लाख रुपए की ठगी की। इसके बाद जब तरनवीर वर्मा ने पुलिस की ओर से पैसे लेकर धोखाधड़ी करने के संबंध में अमृतपाल के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया, जिसकी जांच कप्तान पुलिस ने स्थानीक शहर द्वारा करने पर अमृतपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा नंबर 84 दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
उसके बाद उसके पास से 30 हजार रुपए, एक पुलिस वर्दी और पुलिस लोगो वाली एक सफेद टी-शर्ट बरामद की गई। जांच जारी है तथा और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। इसके अलावा अमृतपाल सिंह निवासी जोलिया द्वारा अवतार सिंह निवासी साहिबजादा जुझार सिंह नगर संगरूर के साथ सांझी फाच्यरूनर गाड़ी लेकर उससे 9 लाख रु पए हासिल करके गाड़ी की आरसी रमनदीप सिंह जोलियां ने नाम पर करवा कर ठगी मारने के संबंधी मुकद्दमा 102 दर्ज कर लिया गया है। इस मामले की जांच जारी है। इस मौके पर प्रो. सुखदेव सिंह डीएसपी आर संगरूर, इंस्पेक्टर अवतार सिंह एसएचओ, थाना संगरूर यहां मौजूद थे।

