
संगरूर: राज कुमार अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को नजरअंदाज करने के विरोध में 27 अगस्त को पूरे पंजाब में धरने, विरोध और रैलियां की जाएंगी, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, कर्मचारी और पेंशनर चुप नहीं बैठेंगे।
उन्होंने कहा कि पेंशनर्स कन्फेडरेशन से जुड़े पेंशनर राज्य अध्यक्ष करम सिंह धनोआ, महासचिव कुलवरन सिंह, वित्त सचिव मदन लाल मेनन, सलाहकार गुरदीप सिंह वालिया और संरक्षक अजीत सिंह फतेहचक के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरे पंजाब में होने वाले संघर्ष में सहयोग करेंगे।
अरोड़ा ने कहा कि अगर माननीय अदालत के फैसले के अनुसार 18 प्रतिशत DA की लंबित किश्तें जारी नहीं की गईं, मेडिकल भत्ता नहीं बढ़ाया गया, 2.59 गुणांक लागू नहीं किया गया और पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं की गई, तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों के प्रति पंजाब सरकार की अड़ियल नीति की 2027 के विधानसभा चुनावों में राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। कर्मचारी और पेंशनर अब अपनी मांगों को मनवाने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं।
संगरूर जिले की अलग-अलग यूनिट से बड़ी संख्या में पेंशनर भी 27 अगस्त को होने वाले धरने, विरोध रैली और प्रदर्शनों में शामिल होंगे। संगरूर, सुनाम, लहरागागा, धुरी, भवानीगढ़, दिड़बा, अमरगढ़, शेरपुर और मूनक समेत अलग-अलग तहसीलों में पेंशनर संगठनों के नेताओं की लीडरशिप में सरकार के खिलाफ विरोध जताया जाएगा।
📍 Location: Sangrur (Sangrur)
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