जगराओं : अबोहर ब्रांच नहर के किनारे सुधार से तुगल गांव तक जाने वाली करीब साढ़े चार किलोमीटर लंबी जर्जर संपर्क सड़क ने एक परिवार का चिराग बुझा दिया। सुधार पत्ती धालीवाल गांव के 41 वर्षीय भगवंत सिंह उर्फ भंती पुत्र सुदागर सिंह की आज सुबह हुये सड़क पर हादसे के बाद मौत हो गई। भंती बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान सड़क की ओर झुकी पेड़ की एक टहनी से उनका सिर टकरा गया। गंभीर चोट लगने के बाद उन्हें लुधियाना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हादसे के बाद सुधार गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार भंती टैक्सी चलाने समेत अन्य काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि लंबे समय से बदहाल पड़ी सड़क और सड़क किनारे फैली झाड़ियों व पेड़ों की टहनियों से पैदा हो रहे खतरे का गंभीर उदाहरण है।
पेड़ों की शाखाओं पर भी उठ रहे सवाल :
सड़क किनारे उगे कई जंगली और अन्य पुराने पेड़ों की शाखाएं सड़क की ओर काफी झुक चुकी हैं। कई जगह टहनियां इतनी नीचे आ गई हैं कि दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए हमेशा खतरा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन एवं नहर विभाग द्वारा सड़क किनारे खतरनाक स्थिति में पहुंच चुकी शाखाओं की कटाई और सफाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। वहीं, स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ पेड़ों से ईंधन के लिए लकड़ी काटने और उसे ले जाने का काम लंबे समय से जारी है। ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से पूरे मामले की जांच और सड़क किनारे पेड़ों व झाड़ियों की व्यवस्थित सफाई करवाने की मांग की है।
18 फीट चौड़ी करने और तत्काल सफाई की मांग :
ग्रामीणों की मांग है कि पंजाब मंडी बोर्ड इस सड़क को तत्काल कम से कम 18 फीट चौड़ा करे। इसके साथ ही नहर और वन विभाग सड़क के दोनों किनारों की झाड़ियों तथा खतरनाक ढंग से झुकी शाखाओं की सफाई करवाएं।लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत, चौड़ीकरण और नियमित रखरखाव होने से न केवल सुधार, पत्ती धालीवाल और तुगल समेत आसपास के गांवों के लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि हलवारा एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए भी सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सकेगा।भंती की मौत के बाद अब ग्रामीणों की मांग साफ है कि सड़क की बदहाली पर कार्रवाई हादसे के बाद नहीं, हादसे से पहले होनी चाहिए थी।