जालंधर/नकोदर/फिल्लौर: नशा तस्करी और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करते हुए, जालंधर ग्रामीण पुलिस द्वारा पूरे जिले में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (कासो) चलाया गया। यह ऑपरेशन डॉ. संदीप कुमार गर्ग, डीआईजी इंटैलीजैंस पंजाब के दिशा-निर्दशों तथा स. हरविंदर सिंह विर्क, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जालंधर ग्रामीण के नेतृत्व में किया गया।
एसएसपी जालंधर ग्रामीण ने बताया कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर जिले के संवेदनशील स्थानों की पहचान की गई, जहां समाज विरोधी तत्व सुनसान और अलग-थलग स्थानों का अवैध गतिविधियों के लिए दुरुपयोग कर रहे थे।
इनमें बस स्टैंड, खाली पड़ी इमारतें, एकांत खेत, खुले मैदान तथा अन्य संवेदनशील स्थान शामिल थे। इसी को ध्यान में रखते हुए, जिला स्तर पर बड़े पैमाने पर कासो ऑपरेशन चलाया गया, जिसके दौरान 15 गजटेड अधिकारियों की निगरानी में 111 रेड की गईं तथा लगभग 150 पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया। यह ऑपरेशन वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में किया गया, जिनमें नरिंदर सिंह, डीएसपी, सब-डिवीजन करतारपुर ओंकार सिंह बराड़, डीएसपी, सब-डिवीजन नकोदर भारत मसीह लाधड़, डीएसपी, सब-डिवीजन फिल्लौर सुखपाल सिंह, डीएसपी, सब-डिवीजन शाहकोट राजीव कुमार, डीएसपी, सब-डिवीजन आदमपुर शामिल थे।
इस सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीमों द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सख्त जांच की गई तथा चिन्हित स्थानों पर गहन तलाशी ली गई। सत्यापन एवं निवारक कार्रवाई के तहत 50 स्मगलरों/नशा तस्करों/कूरियरों की जांच की गई, जबकि 35 संदिग्ध व्यक्तियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया, ताकि नशा संबंधी या अन्य आपराधिक गतिविधियों में उनकी संलिप्तता की जांच की जा सके। कासो के दौरान की गई विस्तृत जांच के परिणामस्वरूप 7 मामले दर्ज किए गए तथा 8 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
उनके कब्जे से 290 नशीली गोलियां, 5 ग्राम हैरोइन और एक कार बरामद की गई। इस ऑपरेशन से अवैध गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है और कई महत्वपूर्ण सुराग एवं जानकारियां भी प्राप्त हुई हैं, जिनके आधार पर आगे और भी सख्त एवं लक्षित कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी जालंधर ग्रामीण ने आगे बताया कि चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर अब रोजाना विशेष चैकिंग की जाएगी तथा इन क्षेत्रों में निगरानी और कड़ी की जाएगी, ताकि समाज विरोधी तत्वों द्वारा दुरुपयोग को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि यदि कोई युवा नशा सेवन में शामिल पाया जाता है, तो उसके पुनर्वास के लिए उसे नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों में भेजा जाएगा, जबकि नशे की सप्लाई और तस्करी में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।