पंजाब डेस्क: आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल को भी पार्टी छोड़ने वाले सांसदों ने अपने साथ आने का न्योता दिया था लेकिन उन्होंने साफ इंकार कर दिया। सीचेवाल ने कहा कि राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने उन्हें फोन कर आजाद समूह में शामिल होने के लिए कहा था।
संत सीचेवाल ने सात सांसदों के पार्टी छोड़ने को आम आदमी पार्टी के साथ बेवफाई करार दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने इन नेताओं को राज्यसभा में भेजकर पंजाब के मुद्दे उठाने का मौका दिया, लेकिन अब उन्होंने अचानक पार्टी छोड़ दी। राघव चड्ढा और संदीप पाठक ने पंजाब में सत्ता का पूरा आनंद लिया और अब पार्टी को अलविदा कह दिया।
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‘मैंने कभी पद नहीं मांगा’
सीचेवाल ने साफ कहा कि उन्हें राज्यसभा का पद खुद भगवंत मान ने ऑफर किया था, न कि दिल्ली नेतृत्व ने। मैंने कभी पद की मांग नहीं की और न ही मुझे इसे खोने का डर है।’ AAP की ओर से बागी सांसदों को ‘गद्दार’ कहे जाने पर सीचेवाल ने गुरबाणी का हवाला देते हुए कहा कि कठोर शब्द बोलने से खुद का मन भी कठोर हो जाता है, इसलिए उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया।
कौन हैं बलबीर सिंह सीचेवाल?
संत बलबीर सिंह का जन्म जालंधर जिले के सीचेवाल गांव में हुआ। वे धार्मिक नेता और समाज सुधारक संत अवतार सिंह से प्रभावित थे और उन्होंने 2000 में सरकारी मदद के बिना वॉलंटियर को जुटाकर काली बेन की सफाई का काम शुरू किया। पर्यावरण संरक्षण के अलावा उन्होंने विदेशों में फंसे सौ से ज्यादा पंजाबियों को वापस लाने में मदद की। 2023 और 2025 में आई पंजाब बाढ़ के दौरान वे राहत कार्यों के लिए हफ्तों तक घटनास्थल पर मौजूद रहे। इक ओंकार चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से, सीचेवाल ने स्वच्छता, जल आपूर्ति और शिक्षा सुविधाओं सहित ग्राम बुनियादी ढांचे का विकास किया। अपने पर्यावरण संबंधी कार्यों के लिए संत सीचेवाल को पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
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