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कॉलोनियों पर चला पीला पंजा, नियम तोड़ने पर 5 करोड़ तक जुर्माना

ADA Demolishes Two Illegal Colonies : अमृतसर। पंजाब सरकार के निर्देशों पर अमृतसर विकास प्राधिकरण (ADA) और पुड्डा के रेगुलेटरी विंग ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गांव पाखरपुरा और दियालपुर में विकसित की जा रही दो कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया।

अधिकारियों के अनुसार, दोनों कॉलोनियों के संचालकों को पापरा एक्ट-1995 के तहत नोटिस जारी कर विकास कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद निर्माण जारी रखा गया। इसके बाद 22 अक्टूबर को पुलिस की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने बताया कि कानून में अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के लिए 5 से 10 वर्ष तक की कैद और 25 लाख से 5 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही लोगों से अपील की गई कि प्लॉट खरीदने से पहले कॉलोनी की सरकारी मंजूरी और कानूनी स्थिति की जांच जरूर करें।

इस संबंध में जानकारी देते हुए रेगुलेटरी विंग के अधिकारियों ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार भविष्य के विकास को नियमित करने और अवैध कॉलोनियों के निर्माण पर रोक लगाने के उद्देश्य से गांव पाखरपुरा और गांव दियालपुर में विकसित की जा रही इन कॉलोनियों के संबंध में पापरा एक्ट-1995 के तहत नोटिस जारी किए गए थे तथा निर्माण एवं विकास कार्य बंद करवाए गए थे। इसके बावजूद कॉलोनियों के मालिकों द्वारा कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण देने के बजाय मौके पर विकास कार्य जारी रखे गए। इसे गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों के निर्देशों के अनुसार 22 अक्टूबर, 2026 को दोनों अवैध कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई।

अधिकारियों ने बताया कि पापरा एक्ट-1995 में वर्ष 2024 के दौरान किए गए संशोधन के अनुसार अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के खिलाफ 5 से 10 वर्ष तक की कैद तथा 25 लाख रुपये से 5 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इन कॉलोनियों से संबंधित जमीन के मालिकों और कॉलोनियां विकसित करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने के लिए राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस विभाग को भी लिखा जा रहा है। एडीए के रेगुलेटरी विंग ने आम जनता से अपील की कि वे अपनी मेहनत की कमाई निवेश करने से पहले प्लॉट या जमीन की कानूनी स्थिति की पूरी जांच अवश्य करें।

किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले पुड्डा विभाग द्वारा जारी स्वीकृति की जांच करें और संबंधित कॉलोनी के अधिकृत होने की पुष्टि जरूर करें। इसके अतिरिक्त, अमृतसर विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध अवैध कॉलोनियों की सूची और संबंधित विवरण भी अवश्य देखें, ताकि लोगों को आर्थिक नुकसान और अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सके।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी स्थान पर नई कॉलोनी विकसित करने अथवा किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पुड्डा विभाग और संबंधित सक्षम प्राधिकरण से आवश्यक मंजूरियां प्राप्त करना अनिवार्य है। लोगों से अपील की गई कि वे कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए ही जमीन की खरीद-फरोख्त और निर्माण कार्य करें।

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