अमृतसर : अमृतसर विकास प्राधिकरण (एडीए) विंग की टीम ने मंगलवार की सुबह कत्थूनंगल और कंबो थानाक्षेत्र में अवैध तौर पर विकसित की जा रही कालोनियों पर कार्रवाई की गई। एडीए के मुख्य प्रशासन नितेश कुमार जैन और अतिरिक्त मुख्य प्रशासक इनायत के आदेशों पर पुड्डा के जिला प्लावर (रैगुलेटरी) विंग ने तहसीलदार अमृतसर-2 देखरेख और पुलिस टीमों की मौजूदगी में कालोनियों में किया जा रहा अवैध निर्माण गिरा दिया।
एडीए के रैगुलेटरी विंग के अधिकारी ने बताया कि थाना कत्थूनंगल थाना क्षेत्र के गांव पावरपुरा में विकसित की गई एक तथा कंबो थानाक्षेत्र के गांव नंगली में विकसित चार रिहायशी एवं कमर्शियल अवैध कालोनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि पहले अवैध कालोनियों के मालिकों को पापरा एक्ट-1995 के तहत नोटिस जारी कर विकास काम बंद करवाए गए थे इसके बावजूद कालोनियों के मालिकों द्वारा सरकारी निर्देशों की उल्लंघना करते हुए मौके पर अवैध निर्माण काम जारी रखे।
पुड्डा के अधिकारी ने बताया कि गांव नंगली में विकसित अवैध कालोनी बाबा दीप सिंह एन्क्लेव के खिलाफ पहले भी 21 मार्च 2025 को धवस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। इस संबंध में एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस को लिखा गया था। इसी तरह गांव पाखरपुरा में स्थित अवैध कालोनी के खिलाफ 22 अक्टूबर 2026 को भी कार्रवाई की गई थी, लेकिन कालोनी मालिकों द्वारा दोबारा से विकास काम शुरु कर दिए थे। इसके चलते आज एक बार फिर किए गए अवैध विकास काम को ढहा दिया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि पापरा एक्ट- 1995 में साल 2024 दौरान किए संशोधन मुताबिक अवैध कालोनी विकसित करने वालों को 5 साल से 10 साल तक की कैद तथा 25 लाख रुपए से 5 करोड़ रुपए तक जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा इन कालोनियों के तहत आने वाली जमीन के मालिकों और कालोनियां विकसित करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए राजस्व रिकार्ड के आधार पर पुलिस को आवश्यक कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
विज्ञापनों और कालोनाइजरों का नहीं करें भरोसा, करें मंजूरी की सत्यता की जांच :
पुड्डा के जिला टाउन प्लानर ने आम जनता नाम संदेश में कहा कि घर बनाने के लिए जब भी किसी कालोनी में प्लाट खरीदें, तो पहले कालोनी को पुड्डा से मिली मंजूरी की जांच अवश्य कर लें। उन्होंने बताया कि अवैध कालोनियों की डिटेल पुड्डा की वेबसाइट पर डाली गई है। लोग कालोनियों में प्लाट बाबत सिर्फ विज्ञापनों तथा कालोनाइजरों के दावों पर भरोसा नहीं करें। बल्कि अमृतसर विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर कालोनी और कालोनाइजरों की सत्यता की जांच अवश्य कर लें।

