अमृतसर: अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) सुरिंदर सिंह ने आज जिला अमृतसर के गांवों में चल रहे ठोस कचरा प्रबंधन कार्यों संबंधी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन के कार्यों में और तेजी लाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (ग्रामीण विकास) ने बताया कि जिले के 21 गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन का कार्य पहले ही विभिन्न तरीकों से चल रहा है। इन गांवों में घरेलू स्तर पर गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग संभाला जा रहा है तथा घर-घर से वेस्ट कलेक्टरों के माध्यम से कचरा एकत्रित किया जा रहा है। उन्होंने सरपंचों और पंचायत सचिवों को निर्देश दिए कि गांवों में कंपोस्ट पिट बनाए जाएं तथा ठोस कचरा प्रबंधन परियोजनाओं के तहत सेग्रीगेशन शैड भी स्थापित किए जाएं। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के लिए 15वें वित्त आयोग के फंड का उपयोग किया जाए। उन्होंने प्रत्येक गांव में वेस्ट कलेक्टर की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को भी ठोस कचरा प्रबंधन की गतिविधियों से जोड़ने के निर्देश दिए।
अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर ने गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन की निगरानी के लिए समितियां गठित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ये समितियां गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित कार्यों की निगरानी करेंगी तथा लोगों को गीले और सूखे कचरे के उचित प्रबंधन एवं अलग-अलग संग्रहण के बारे में जागरूक करेंगी। ठोस कचरे के उचित प्रबंधन के लिए घर-घर से गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी वेस्ट और खतरनाक अपशिष्ट को अलग-अलग एकत्रित करके उचित ढंग से निपटाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि गीले कचरे से जैविक खाद भी तैयार की जा सकती है, जिससे कचरे की मात्रा कम करने के साथ-साथ इसके पुनः उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।
उन्होंने पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के फील्ड स्टाफ तथा गांवों में गठित स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को गांवों की स्वच्छता और ठोस कचरा प्रबंधन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि लोगों की भागीदारी के बिना ठोस कचरा प्रबंधन को सफल नहीं बनाया जा सकता।
बैठक के दौरान उन्होंने सभी ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने ब्लॉकों के अधिक से अधिक गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन की गतिविधियां शुरू करवाएं। उन्होंने कहा कि 31 अक्टूबर 2026 तक जिले के 430 गांवों में से कम से कम 50 प्रतिशत गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन का कार्य शुरू कर दिया जाए।
अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) सुरिंदर सिंह ने अधिकारियों को कहा कि ठोस कचरा प्रबंधन को केवल सरकारी परियोजना न समझा जाए, बल्कि इसे लोगों के दैनिक जीवन से जोड़कर जन आंदोलन का रूप दिया जाए। उन्होंने पंचायतों और गांववासियों से अपील की कि वे अपने गांवों को स्वच्छ एवं कचरा-मुक्त बनाने के लिए प्रशासन का सहयोग करें।
बैठक में प्रीत महिंदर सिंह सहोता, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी; स. मनोज कुमार, डी.पी.एम.; स. सुलखान सिंह, उप मंडल इंजीनियर, जल सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग; श्रीमती किरणदीप कौर, ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी, हरसा छीना; स. मलकीत सिंह, ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी, अजनाला; स. सरबजीत सिंह, ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी, रईया; स. समशेर सिंह, ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी, चोगावां; स. प्रगट सिंह, ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी, जंडियाला गुरु; पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के फील्ड स्टाफ, जल सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग के स्टाफ, बी.आर.सी., कम्युनिटी डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट तथा विभिन्न गांवों के सरपंच उपस्थित थे।
📍 Location: Amritsar (Amritsar)

