
पंजाब डेस्क: अमृतसर के गांवों को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) श्री सुरिंदर सिंह ने ब्लॉक रईया के गांव फेरूमना में संचालित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति, कचरा संग्रहण और मौके पर चल रही गतिविधियों का निरीक्षण किया।
घर से शुरू हो कचरे का सही प्रबंधन
ग्राम पंचायत, स्थानीय निवासियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों से बातचीत करते हुए एडीसी ने कहा कि प्रभावी ठोस कचरा प्रबंधन की शुरुआत घर से ही होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से गीले, सूखे, सैनिटरी और खतरनाक कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की।
उन्होंने कहा कि स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण होने से उसके वैज्ञानिक तरीके से निपटान और आगे की प्रोसेसिंग में आसानी होगी। इससे खुले में कचरा फेंकने की समस्या कम होने के साथ-साथ गांव का वातावरण भी स्वच्छ रहेगा।
गीले कचरे से तैयार होगी जैविक खाद
एडीसी ने बताया कि घरों से एकत्रित गीले कचरे को गांव में स्थापित प्रोजेक्ट की निर्धारित पिट्स में डाला जाएगा। यहां इसकी प्रोसेसिंग के जरिए जैविक खाद तैयार की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से कचरे की मात्रा घटाने के साथ-साथ बेकार समझे जाने वाले कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने को बढ़ावा मिलेगा।
प्रोजेक्ट की चारदीवारी और सेग्रीगेशन शेड जल्द पूरा करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी तथा पंचायत सचिव को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट की चारदीवारी और सेग्रीगेशन शेड का निर्माण प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के तैयार होने से गीले और सूखे कचरे को व्यवस्थित रूप से अलग करने तथा उसकी आगे की प्रोसेसिंग को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
घर-घर डस्टबिन उपलब्ध कराने की पहल
राउंड ग्लास फाउंडेशन के कोऑर्डिनेटर रेशम सिंह ने बताया कि संस्था की ओर से गांव के प्रत्येक घर को गीले और सूखे कचरे को अलग रखने के लिए डस्टबिन उपलब्ध करवाए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य लोगों में घर के स्तर से ही कचरे को अलग रखने की आदत विकसित करना और वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
वेस्ट कलेक्टर को भी दिए स्पष्ट निर्देश
अतिरिक्त उपायुक्त ने गांव में कार्यरत वेस्ट कलेक्टर को निर्देश दिया कि कचरा उठाते समय गीले, सूखे, सैनिटरी और खतरनाक कचरे को अलग-अलग एकत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि कचरे का स्रोत पर सही तरीके से पृथक्करण होगा, तभी आगे की प्रोसेसिंग और निपटान व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम कर सकेगी।
निगरानी के लिए बनेगी अलग कमेटी
एडीसी ने ग्राम पंचायत के सरपंच करमजीत सिंह को सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट गतिविधियों की निगरानी के लिए गांव स्तर पर अलग कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।
यह कमेटी कचरा संग्रहण, सेग्रीगेशन, प्रोसेसिंग और गांव की स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों की नियमित निगरानी करेगी तथा जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करेगी।
स्वच्छ गांव के लिए जनभागीदारी जरूरी
गांववासियों को संबोधित करते हुए सुरिंदर सिंह ने कहा कि गांव को स्वच्छ रखना केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए प्रत्येक परिवार की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
उन्होंने लोगों से खुले में कचरा नहीं फेंकने, घर से ही कचरे को अलग रखने और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार कचरा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण का सीधा संबंध लोगों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता से है।
अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान बीडीपीओ रईया सरबजीत सिंह, पंचायत सचिव सुखपाल सिंह, जल सप्लाई एवं सैनिटेशन विभाग की सीडीएस विभूति शर्मा, जूनियर इंजीनियर मुकेश कुमार, राधिका, पंजाब राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का फील्ड स्टाफ, सरवन सिंह मान सहित ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, गणमान्य व्यक्ति और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...