मोगा: धान की कटाई के दौरान पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मोगा जिला प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई की व्यवस्था को तेज कर दिया है। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने पुलिस, कृषि विभाग, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर पराली प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खेतों में आग लगाने की किसी भी घटना की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने एसडीएम और डीएसपी को अपने-अपने क्षेत्रों में संयुक्त रूप से खेतों का निरीक्षण करने तथा निगरानी व्यवस्था को लगातार सक्रिय रखने के निर्देश दिए।
9 टीमें करेंगी लगातार निगरानी
प्रशासन ने पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने के लिए पराली प्रोटेक्शन फोर्स के तहत 9 विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में गश्त कर खेतों की स्थिति पर नजर रखेंगी। एसडीएम को अभियान की व्यक्तिगत निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि नोडल और क्लस्टर अधिकारियों को भी अपने निर्धारित क्षेत्रों में सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि किसानों को पराली के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए आवश्यक संसाधन और जानकारी उपलब्ध कराना भी है।
700 से ज्यादा नई मशीनें उपलब्ध
प्रशासन के अनुसार इस सीजन किसानों के लिए सब्सिडी के माध्यम से 700 से अधिक कृषि मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं। इसके बाद जिले में सब्सिडी पर उपलब्ध पराली प्रबंधन मशीनों की कुल संख्या 1,158 हो गई है। किसानों की सुविधा के लिए बेलरों के मोबाइल नंबर और उनकी लोकेशन सार्वजनिक करने की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि किसान खेत से पराली हटाने के लिए सीधे उनसे संपर्क कर सकें।
बाघापुराना क्षेत्र में ड्रोन से निगरानी
पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने के लिए बाघापुराना क्षेत्र के गांवों में ड्रोन से निगरानी भी की जाएगी। इसके लिए कृषि विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। विभागीय अधिकारियों को गांव स्तर पर किसानों के साथ नियमित संपर्क रखने और मशीनरी के सही इस्तेमाल के बारे में जानकारी देने को कहा गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं, जहां लोगों को पराली जलाने से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी जाएगी।
सुबह 10 से शाम 6 बजे तक ही धान कटाई
प्रशासन ने धान की कटाई के समय को लेकर भी निर्देश जारी किए हैं। कंबाइन मशीनों से धान की कटाई सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच करने को कहा गया है। निर्धारित समय के बाहर कटाई करने वाले कंबाइन संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पराली न जलाने वाले किसानों को मिलेगा सम्मान
डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने किसानों से पराली को आग लगाने के बजाय उपलब्ध मशीनरी और वैज्ञानिक तरीकों से उसका प्रबंधन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो किसान पराली नहीं जलाएंगे और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करेंगे, उन्हें प्रशासन की ओर से विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पराली जलाने की घटनाओं की रोकथाम में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ जिले में जीरो बर्निंग के लक्ष्य की दिशा में काम करने को कहा गया है।बैठक में विशेष कार्य अधिकारी (शहरी मामले) हर्षिता शर्मा, जिले के सभी एसडीएम, पुलिस एवं कृषि विभाग के अधिकारी, पीपीसीबी मोगा के प्रतिनिधि तथा क्लस्टर अधिकारी मौजूद रहे।

