मोगा (दलीप कुमार): शहर में ई-रिक्शाओं को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया और एसएसपी मोगा सरताज सिंह चहल के निर्देश पर परिवहन विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में ई-रिक्शाओं की विशेष चेकिंग की।
आरटीओ मोगा सतविंदर पाल सिंह रणीके के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान अधिकारियों ने ई-रिक्शाओं को रोककर उनके आवश्यक दस्तावेजों, वाहन संचालन और यातायात नियमों के पालन की जांच की। अभियान में एआरटीओ शमिंदर सिंह मान, ट्रैफिक इंचार्ज इंस्पेक्टर सुखमंदर सिंह तथा पीसीआर मोगा इंचार्ज के.सी. पराशर सहित पुलिस और परिवहन विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ लंबे समय से यातायात नियमों की अनदेखी, सड़क किनारे गलत तरीके से वाहन खड़ा करने और यातायात बाधित करने जैसी शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर यह विशेष अभियान शुरू किया गया है।
चेकिंग के दौरान ई-रिक्शा चालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित यातायात नियमों का पालन करें और सड़क पर ऐसी जगह वाहन खड़ा न करें, जिससे अन्य वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी हो। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सिफारिश से नहीं मिलेगी राहत
एआरटीओ शमिंदर सिंह मान ने कहा कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की सिफारिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है और नियम तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को प्रभाव या सिफारिश के आधार पर राहत नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि शहर की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
आगे भी जारी रहेगी चेकिंग
परिवहन विभाग और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ई-रिक्शाओं की जांच का अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। ई-रिक्शा चालकों से अपने वाहनों के सभी जरूरी दस्तावेज दुरुस्त रखने और वाहन चलाते समय यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
प्रशासन ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि कोई ई-रिक्शा चालक यातायात नियमों का उल्लंघन करता है या सड़क पर अनावश्यक बाधा उत्पन्न करता है, तो इसकी जानकारी संबंधित विभाग या पुलिस को दी जा सकती है। प्रशासन का लक्ष्य शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखना है।

