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लाउडस्पीकर, डीजे और तेज आवाज वाले उपकरणों पर प्रशासन की सख्ती

Administration Imposes Strict Restrictions on Loudspeakers : मोगा। जिले में ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने लाउडस्पीकर, डीजे, ऑर्केस्ट्रा और तेज आवाज वाले अन्य उपकरणों के इस्तेमाल पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इनके इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बिना अनुमति लाउडस्पीकर बजाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ये आदेश 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेंगे।

इन प्रतिबंधात्मक आदेशों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों के अनुसार सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना किसी भी ऐसे उपकरण या ध्वनि प्रदूषण पैदा करने वाली सामग्री का इस्तेमाल नहीं करेगा, जिसकी आवाज उसकी निर्धारित सीमा से बाहर सुनाई देती हो। हालांकि, ये आदेश सरकारी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले लाउडस्पीकरों पर लागू नहीं होंगे। ऑर्केस्ट्रा बैंड, डी.जे., लाउडस्पीकर/एम्पलीफायर, ढोल, ड्रम तथा किसी भी प्रकार के ध्वनि उत्पन्न करने वाले यंत्रों को बजाने पर (जनहित में आपातकालीन परिस्थितियों को छोड़कर) रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक यदि कोई व्यक्ति लाउडस्पीकर चलाना चाहता है, तो वह संबंधित उपमंडल मजिस्ट्रेट की अनुमति के बाद ही ऐसा कर सकेगा। किसी भी स्थान पर चलाए जा रहे लाउडस्पीकर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम आदि की आवाज का स्तर 10 डेसीबल (ए) और 75 डेसीबल (ए) (संबंधित स्थान के ध्वनि मानकों के अनुसार) से अधिक नहीं होना चाहिए। ये आदेश सभी संस्थानों पर लागू होंगे। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि उत्पन्न करने वाले पटाखे चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यह प्रतिबंध केवल रोशनी और रंग उत्पन्न करने वाले पटाखों पर लागू नहीं होगा। प्रेशर हॉर्न/हूटर तथा अन्य ऐसे तेज आवाज उत्पन्न करने वाले हॉर्न (निर्धारित सीमा से अधिक) बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

मैरिज पैलेसों में लाउडस्पीकरों की आवाज मैरिज पैलेस की सीमा से बाहर नहीं जानी चाहिए। यदि इन आदेशों का उल्लंघन होता है, तो संबंधित ऑर्केस्ट्रा, डी.जे. और मैरिज पैलेस आदि सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि लाउडस्पीकरों के कारण बुजुर्गों, बीमार व्यक्तियों तथा पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। शोर-शराबे और प्रदूषण के कारण आम लोगों के मानसिक स्वास्थ्य तथा बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों के अलावा, बिना अनुमति लाउडस्पीकर चलाने से उत्पन्न होने वाली संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ये आदेश जारी किए गए हैं। ये आदेश 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेंगे।

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