
Administration Intensifies Drive Against Stubble Burning : बठिंडा। पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। उपायुक्त राजेश धीमान के मार्गदर्शन में किसानों को पराली प्रबंधन के आधुनिक तरीकों, कृषि मशीनरी और हैप्पी सीडर से गेहूं की सीधी बिजाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुलिस भी गांवों में सायरन और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए किसानों को पराली जलाने के नुकसान बता रही है।
इन शिविरों में किसानों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई कृषि मशीनरी, ‘हैप्पी सीडर’ का उपयोग करके पराली के बीच सीधे गेहूं की बुवाई करने और पराली प्रबंधन के प्रभावी तरीकों के बारे में बताया गया। पराली प्रबंधन कार्यों का जायजा लेने के लिए, बठिंडा के SDM अमनदीप सिंह मावी ने संगत में एक पराली डंप साइट का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पराली को इकट्ठा करने और स्टोर करने की व्यवस्था का निरीक्षण किया। डंप साइट पर काम सुचारू रूप से चल रहा था और खेतों से पराली इकट्ठा करने का काम भी सही ढंग से किया जा रहा था।
इसके बाद, उन्होंने गांव नंदगढ़ में एक किसान के खेत में बेलर मशीन से पराली की गांठें बनाने की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। वहां काम बहुत ही व्यवस्थित और कुशल तरीके से होता पाया गया। गांव में किसानों के लिए एक जागरूकता शिविर भी आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें पराली जलाने से पर्यावरण और स्वास्थ्य को होने वाले नुकसानों के बारे में जानकारी दी गई। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे पराली न जलाएं, बल्कि उपलब्ध कृषि मशीनरी का उपयोग करके इसका सही प्रबंधन करें। उन्होंने बताया कि ऐसा करने से न केवल पर्यावरण को प्रदूषण से बचाया जा सकता है, बल्कि मिट्टी की उपजाऊ शक्ति भी बनी रहती है।
इस अवसर पर कृषि अधिकारी डॉ. हरजसपाल शर्मा, डॉ. दविंदर सिंह और डॉ. मनोज कुमार; कृषि विकास अधिकारी दिलप्रीत सिंह, डॉ. अमनदीप सिंह, डॉ. कुलभूषण और डॉ. रमनदीप कौर; तथा कृषि उप-निरीक्षक गुरदेव सिंह और गुरप्रीत सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।