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हॉटस्पॉट पर कड़ी नजर, किसानों को पराली न जलाने की अपील

Administration Intensifies Vigilance to Curb Stubble Burning : मोगा। धान कटाई के सीजन में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने और इसके उचित प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर जमीनी स्तर पर निगरानी मजबूत करने और किसानों को आधुनिक पराली प्रबंधन तकनीकों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कृषि विभाग, सहकारिता विभाग और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को आपसी तालमेल से कार्य करने तथा जमीनी स्तर पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि पराली जलाने की प्रथा को रोकने के लिए किसानों को उपलब्ध कृषि मशीनरी और वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग करते हुए खेतों में ही पराली का निपटारा करने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से न केवल पर्यावरण प्रदूषित होता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता और कृषि के लिए लाभदायक सूक्ष्मजीवों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के संवेदनशील और हॉट स्पॉट क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जाए। कृषि विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों की टीमें खेतों का दौरा कर किसानों को पराली प्रबंधन के आधुनिक और पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित तरीकों के बारे में जानकारी दें। डिप्टी कमिश्नर ने गांव स्तर पर जागरूकता शिविर और किसान बैठकें आयोजित करने के भी आदेश दिए। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान, पराली को मिट्टी में मिलाने के लाभ तथा उपलब्ध कृषि मशीनरी के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाए।

उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन केवल पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह मिट्टी के स्वास्थ्य, कृषि उत्पादकता और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करने से भी सीधे तौर पर संबंधित है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली को आग न लगाएं और सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई जा रही मशीनरी तथा तकनीकी सहायता का लाभ उठाते हुए पराली का उचित प्रबंधन करें। डिप्टी कमिश्नर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पराली प्रबंधन संबंधी सरकारी हिदायतों का पालन सुनिश्चित करने के साथ-साथ किसानों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जाए और जिले को पराली जलाने से मुक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं।

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