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सतलुज दरिया को लेकर अलर्ट मोड पर प्रशासन, दो दिन भारी बरसात पड़ने का अनुमान, जल स्तर में हो सकती है बढ़ौत्तरी

लुधियाना Sutlej River: सतलुज के कैचमैंट एरिया में लगातार हो रही बारिश से भाखड़ा बांध का जल स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। बांध में पानी का आवक बढ़ रही है, इसलिए भाखड़ा ब्यास मैनेजमैंट बोर्ड बांध से पानी भी ज्यादा छोड़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ रोपड़ के बाद सतलुज में मिलने वाली बरसाती नदियों में भी बरसात के कारण लगातार पानी बह रहा है, जिससे लुधियाना में सतलुज में पानी की मात्र लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि रविवार के मुकाबले सोमवार को दिन में सतलुज में पानी की मात्र कुछ कम रही। मौसम विभाग ने अगले दो दिन हिमाचल प्रदेश व पंजाब में भारी बारिश का अनुमान जताया है तो जिला प्रशासन ने भी सभी विभागों के अफसरों को अलर्ट मोड पर रहने को कह दिया है। प्रशासन ने सतलुज दरिया के अति संवेदनशील प्वाइंट्स की निगरानी भी बढ़ा दी है।

सोमवार सुबह भाखड़ा का जल स्तर 1668.57 फुट पहुंच गया था। भाखड़ा में पानी की आवक 64811 क्यूसेक रही और वहां से 38167 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सोमवार को पूरे दिन रोपड़ से 40 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया। 11 बजे के करीब रोपड़ से सतलुज में 46506 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं दूसरी तरफ सुबह के समय सिरसा से 8255 क्यूसेक, स्वां से 5669 क्यूसेक और सागरों से 2705 क्यूसेक पानी सतलुज में आया। जो पानी रोपड़ से सुबह छह बजे छोड़ा गया वो लुधियाना से शाम सात से आठ बजे के बीच में क्रॉस हुआ। जानकारी के मुताबिक सोमवार शाम छह बजे तक दरिया में 30-35 हजार क्यूसेक के करीब पानी बहता रहा लेकिन शाम होते होते इसकी मात्र 45 हजार क्यूसेक के पार पहुंच गई।

नहरी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर दो दिन तेज बारिश हुई तो सतलुज में पानी की मात्र और बढ़ सकती है। वहीं जिला प्रशासन ने सतलुज दरिया के किनारे संवेदनशील और अति संवेदनशील प्वाइंट्स पर पैट्रोलिंग शुरू कर दी है। प्रशासन ने अफसरों को कहा है कि दो दिन किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए ताकि जिले में बाढ़ की स्थिति पैदा न हो। नहरी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक सभी अति संवेदनशील प्वाइंट्स पर रेत व मिट्टी के थैले बड़ी संख्या में भरकर रखे गए हैं।

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