Administration Steps Up Vigilance Against Stubble Burning : अमृतसर। धान की पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने जागरूकता और निगरानी तेज करने के निर्देश दिए हैं।
डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने कृषि विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और एसडीएम को गांवों में जाकर किसानों को पराली प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी देने को कहा। उन्होंने किसानों से पराली न जलाने की अपील करते हुए बताया कि इसे आधुनिक कृषि मशीनरी से खेत में मिलाया जा सकता है या गांठें बनाकर बेचने के साथ पशुओं के सूखे चारे के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि जिले के अधिकांश क्षेत्रों में धान की कटाई हो चुकी है। उन्होंने कृषि विभाग और पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दें तथा इसके उचित प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों के प्रति जागरूक करें। उन्होंने सभी एस.डी.एम. को भी निर्देश दिए कि वे गांवों का दौरा कर किसानों से सीधे बातचीत करें और पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए किए जा रहे प्रयासों की निगरानी सुनिश्चित करें।
डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने किसानों से अपील की कि वे व्यापक जनहित और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए धान की पराली को बिल्कुल भी आग न लगाएं। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि मशीनरी की सहायता से पराली का निपटान बिना आग लगाए आसानी से वैज्ञानिक तरीके से किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, पराली की गांठें बनाकर उसे बेचा भी जा सकता है। उन्होंने बताया कि पराली का उपयोग पशुओं के लिए सूखे चारे के रूप में भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, भूमि की उपजाऊ शक्ति प्रभावित होती है और खेतों में मौजूद मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं। इस संबंध में किसी भी प्रकार की तकनीकी सहायता या जानकारी के लिए किसान अपने नजदीकी कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। बैठक में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) पल्लवी मिश्रा, एस.डी.एम. अमृतसर-1 अलका कालिया, एस.डी.एम. अमृतसर-2 स. गुरमंदर सिंह, एस.डी.एम. लोपोके स. मनबीर सिंह, एस.डी.एम. बाबा बकाला जशनजीत सिंह, एस.डी.एम. अजनाला चारुमिता, सहायक कमिश्नर प्रगति सेठी, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एक्सियन अमृतपाल सिंह चहल, एस.डी.ओ. सुखमनी सिंह खैहरा, जिला मंडी अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

