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नशे के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में बढ़ेगी कार्रवाई, मेडिकल स्टोरों की भी होगी नियमित जांच

Administration Tightens Anti-Drug Campaign : अमृतसर। ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और नशा मुक्ति मोर्चा ने संयुक्त रणनीति तैयार की है। डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह ने अधिकारियों को हॉटस्पॉट क्षेत्रों में जागरूकता कैंप लगाने, नशा तस्करी पर सख्ती करने और युवाओं को खेलों से जोड़ने के निर्देश दिए।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर श्री दलविंदरजीत सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशे जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने और आने वाली पीढ़ियों को इससे बचाने के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल और समर्पित भावना से कार्य करें। बैठक के दौरान नशों की बिक्री और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों से संबंधित चिह्नित हॉटस्पॉट क्षेत्रों में विभिन्न विभागों तथा पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की गई और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

डिप्टी कमिश्नर ने शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नशों से प्रभावित और हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित क्षेत्रों में अधिक से अधिक जागरूकता कैंप लगाए जाएं, ताकि लोगों को नशों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें नशा छोड़ने के लिए भी प्रेरित किया जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि इन क्षेत्रों में मेडिकल स्टोरों की निरंतर जांच की जाए तथा नियमों का उल्लंघन कर नशीले पदार्थ बेचने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने खेल विभाग के अधिकारियों को कहा कि नशों से प्रभावित क्षेत्रों में खेल स्टेडियम और खेल सुविधाएं विकसित करने के साथ-साथ स्कूली बच्चों को खेलों का आवश्यक सामान भी उपलब्ध करवाया जाए, ताकि युवा अपनी ऊर्जा को रचनात्मक गतिविधियों में लगाएं और खेलों से जुड़कर नशों से दूर रहें। बैठक को संबोधित करते हुए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर श्रीमती पल्लवी मिश्रा ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों और कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू पदार्थों की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि नशे से पीड़ित व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें ओट क्लीनिकों के माध्यम से उपचार की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए तथा उनके पुनर्वास के लिए कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। बैठक के दौरान वार्ड डिफेंस कमेटियों (WDC), विभिन्न कमेटियों और आम लोगों द्वारा नशों की बिक्री तथा अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों के संबंध में चिह्नित किए गए हॉटस्पॉट क्षेत्रों में पंजाब पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की समीक्षा की गई। इसके साथ ही शेष चिह्नित स्थानों पर भी जल्द कार्रवाई करने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा आगामी रणनीति और कार्ययोजना तैयार की गई।

इस अवसर पर लोगों द्वारा नशों की बिक्री और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों के संबंध में दी जाने वाली सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई करने, पुलिस प्रशासन और नशा मुक्ति मोर्चा के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने तथा जमीनी स्तर पर अभियान को और प्रभावशाली बनाने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। इस मौके पर श्री दीक्षित धवन ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य लोगों की सक्रिय भागीदारी, वार्ड डिफेंस कमेटियों के सहयोग और पुलिस प्रशासन की प्रभावी कार्रवाई के माध्यम से नशों के विरुद्ध अभियान को और मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि नशामुक्त पंजाब का लक्ष्य हासिल करने के लिए पुलिस प्रशासन और आम लोगों के संयुक्त प्रयास बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस बैठक में एसडीएम अमृतसर-1 श्रीमती अलका कालिया, एसडीएम अमृतसर-2 श्री गुरमंदर सिंह, एसडीएम मजीठा श्री रजनीश कुमार, जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी श्री आशीषइंदर सिंह, डिप्टी डायरेक्टर रोजगार श्री तीरथपाल सिंह के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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