Last Updated: September 22, 2026

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मीरी-पीरी खालसा मार्च पर AAP MLA का बयान पंथिक परंपराओं का अपमान है: एडवोकेट धामी

August 2, 2026

मीरी-पीरी खालसा मार्च पर AAP MLA का बयान पंथिक परंपराओं का अपमान है: एडवोकेट धामी

अमृतसरः आम आदमी पार्टी के MLA का मीरी पीरी खालसा मार्च के बारे में दिया गया बयान पंथिक परंपराओं का अपमान है और भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है। यह बात शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रेसिडेंट एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने मीरी पीरी खालसा मार्च के दौरान कही। एडवोकेट धामी ने कहा कि मीरी पीरी खालसा मार्च का मकसद श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता, राष्ट्रीय एकता, पंथिक चेतना को बढ़ावा देना और युवाओं को सिख विरासत से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि हर दिन बड़ी संख्या में भक्त खालसा मार्च में शामिल हो रहे हैं, जो खुद को श्री अकाल तख्त साहिब को समर्पित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि AAP MLA अमृतपाल सिंह सुखानंद का मीरी पीरी खालसा मार्च के बारे में किया गया कमेंट उनकी जलन दिखाता है। उन्होंने कहा कि खालसा मार्च निकालना पंथ की विरासत है और ऐसा लगता है कि AAP MLA सिख सिद्धांतों और परंपराओं को नहीं समझते हैं। 

SGPC प्रेसिडेंट ने कहा कि सिख पंथ और गुरु घर की नैतिकता से जुड़े किसी भी विषय पर बोलने से पहले सौ बार सोचना चाहिए। नैतिकता की पूरी जानकारी और समझ के बिना दिया गया बयान संगत की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि जिस मीरी-पीरी खालसा मार्च की बात हो रही है, वह कोई पॉलिटिकल रोड शो नहीं है, बल्कि श्री अकाल तख्त साहिब से अरदास के बाद श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया में और पंज प्यारों की लीडरशिप में शुरू हुआ मार्च है। उन्होंने कहा कि गुरु घरों और पंथिक परंपराओं के बारे में बोलते समय सभी को संयम और सम्मान के साथ बोलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी द्वारा स्थापित मीरी-पीरी के सिद्धांतों और श्री अकाल तख्त साहिब की सबसे बड़ी परंपरा को समर्पित यह मार्च गुरमत मर्यादा के अनुसार किया जा रहा है और इसे उसी सम्मान और गंभीरता से देखा जाना चाहिए। एडवोकेट धामी ने संगत को सिख संस्थाओं को कमजोर करने वाले लोगों से सावधान रहने के लिए भी कहा। 

मीरी पीरी खालसा मार्च के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने संगत को संदेश दिया कि वे पंथ विरोधी ताकतों से सावधान रहें, जो सिख परंपराओं और गुरु घर की गोलकों के बारे में बात करते हैं और सिख संस्थाओं को कमजोर करते हैं। उन्होंने कहा कि गुरु की गोलकों वाले ही कुदरती आफतों के समय इंसानियत का सहारा बनते हैं। जब सरकारें भी बेबस थीं, तब गुरुद्वारा साहिबों, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और गुरु के सिखों ने जरूरतमंदों की मदद की।

जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज ने गुरुद्वारा कमेटियों से कहा कि वे गुरुद्वारा साहिब में हर समय सुरक्षा सुनिश्चित करें, उन्हें पिछले समय से हो रही नाइंसाफी की घटनाओं के बारे में जागरूक रहने को कहा। उन्होंने कहा कि खालसा पंथ एक परिवार है, इसलिए हर सिख का फर्ज है कि वह एक-दूसरे का ख्याल रखे। उन्होंने कहा कि जो ताकतें श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देना चाहती हैं, हमें उन्हें पहचानना चाहिए और श्री अकाल तख्त साहिब के उसूलों के प्रति वफ़ादार रहना चाहिए। 

खालसा मार्च के निकलने से पहले गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब श्री मुक्तसर साहिब में हुए कार्यक्रम के दौरान सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी केवल सिंह ने संगत को इतिहास से जोड़ा। इस मौके पर हेड प्रचारक भाई सरबजीत सिंह धोतियां ने भी मीरी पीरी खालसा मार्च के मकसद और सिख उसूलों पर चर्चा की।

शुरुआत में अरदास के बाद, श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पवित्र स्वरूप को सिंह साहिब ज्ञानी केवल सिंह ने पालकी साहिब में सुशोभित किया और चौर साहिब की सेवा शिरोमणि कमेटी के सदस्य स. नवतेज सिंह कौनी ने की। मीरी पीरी खालसा मार्च को लेकर संगत में काफी जोश देखा जा रहा है। अलग-अलग पड़ावों पर संगत की तरफ से खालसा मार्च का गर्मजोशी से स्वागत किया जा रहा है। 

मीरी पीरी खालसा मार्च का संगत ने गांव भागसर, चिंभरांवाली, महाबधार, चक शेरेवाला, बाम, उरंग, पन्नीवाला, मोहलां, रानीवाला, बोडीवाला, आलमवाला, विर्क खेड़ा, गांव मलोट, बठिंडा चौक सिटी, दानेवाला चौक, घुमियारा, खेड़ा, फक्करसर, गु: साहिब पा: दसवीं थेहरी में स्वागत किया और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। खालसा मार्च का आज रात का पड़ाव गु: साहिब पा: दसवीं थेहरी (श्री मुक्तसर साहिब) में होगा, जहां से यह कल अगले पड़ाव के लिए रवाना होगा। खालसा मार्च के साथ गुरु साहिबों और शहीद सिंहों के शस्त्रों से लदी बस और अलग-अलग वाहनों पर रखी शहीद सिंहों की तस्वीरें संगत के लिए विशेष आकर्षण थीं। खालसा मार्च के दौरान युवाओं ने गुरु दोखी और खालसा पंथ के खिलाफ लिखी तख्तियां लहराकर श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की।

इस मौके पर सीनियर अकाली नेता स. तजिंदर सिंह मिड्डूखेड़ा, पूर्व विधायक स. हरप्रीत सिंह, स्त्री अकाली दल की अध्यक्ष बीबी हरगोबिंद कौर, शिरोमणि कमेटी सदस्य स. नवतेज सिंह कौनी, स. अवतार सिंह वनवाला, जत्थेदार कौर सिंह बहाववाला, स. गुरपाल सिंह गोरा, स. दर्शन सिंह मोठांवाला, स. हरतेज सिंह भुल्लर, बीबी किरणवीर कौर, स. तेजा सिंह नंदगढ़, सीनियर अकाली नेता स. मनजिंदर सिंह, स. जगजीत सिंह हनी फत्तनवाला, बाबा मनजीत सिंह खू साहिब वाले, स. परमिंदर सिंह कोलियांवाली, बीबी मंदीप कौर संधू, स. रणजीत सिंह मान, पूर्व सदस्य सरूप सिंह, जत्थेदार हीरा सिंह, स. प्रीत इंदर सिंह ग्रामीण अध्यक्ष, बाबा मनप्रीत सिंह, फेडरेशन नेता सिमरनजीत सिंह, एसजीपीसी के अतिरिक्त सचिव बिजय सिंह, उप सचिव स. गुरमीत सिंह मुक्तसरी, इंचार्ज स. गुरप्रीत सिंह रोडे, स. अवतार सिंह, बाबा हरजिंदर सिंह मुक्तसर साहिब, बाबा सतनाम सिंह खापरखेड़ी, हेड प्रचारक भाई सरबजीत सिंह धोतियां, जत्थेदार साहिब के निजी सहायक ज्ञानी बलदेव सिंह, श्री दरबार साहिब श्री मुक्तसर साहिब के मैनेजर श्री निर्मलजीत सिंह, श्री दरबार साहिब के अतिरिक्त मैनेजर युवराज सिंह, संदीप सिंह कलोटा मौजूद रहे।

📍 Location: Amritsar (Amritsar)

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