अमृतसर: सिटी पुलिस के पीसीआर में तैनात एएसआई को ब्लैकमेल करने वाली महिला एडवोकेट और उसके भाई को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। थाना रंजीत एवेन्यू में केस दर्ज किया गया है। एएसआई गुरमेज सिंह ने एक श्रद्धालु की मदद की थी। 28 फरवरी को गुरुद्वारा साहिब के दर्शन करने के लिए आए एक व्यक्ति ने कहा था कि उसे 500 रुपए की जरूरत है। वह गूगल पेकर देता है। उसे कैश दे दो। गुरमेज सिंह ने उसे अपनी जेब से 500 दिए और गूगल पे द्वारा 500 ले लिए। इसके बाद मामले में एक पत्रकार द्वारा पहले इंसानियत दिखाने वाले पुलिस वाले को टारगेट किया गया।
फिर 1 मार्च को अज्ञात नंबर से फोन आने लगे। फोन करने वाला कहने लगा कि उसने रिश्वत ली है। उनके पास सबूत है। एएसआई गुरमीत सिंह ने इस बारे में गांव के सरपंच विभाग जितेंद्र सिंह निवासी गांव तलवंडी दसोधा सिंह से बात की। फोन करने वाला कोई और नहीं बल्कि पहले ही धोखाधड़ी के कई केसों में नामजद और जेल से कुछ दिन पहले जमानत पर बाहर आया कथित समाज सेवक मनजीत सिंह खालसा निवासी अंतरजमी कॉलोनी नजदीक चाटीविड गेट अमृतसर और उसकी बहन एडवोकेट सिमरनजीत कौर पत्नी जितेंद्र सिंह निवासी गार्डन एनक्लेव वेरका बाईपास निकले।
दोनों भाई बहन मिलकर 10 लाख की मांग कर रहे थे। सरपंच द्वारा बातचीत की गई। ठग और नटवरलाल भाई बहन ने रुपए लेकर रंजीत एवेन्यू स्थित पजेरिया रेस्टोरेंट में आने को कहा। सरपंच एएसआई गुरमेज सिंह और उनके बेटे हरप्रीत सिंह को साथ लेकर रेस्टोरेंट पहुंचे। साथ ही पुलिस को भी सूचित किया। पुलिस वहां पर सादे कपड़ों में पहुंची। भाई बहन रेस्टोरेंट में पहुंचकर पैसों वाला बैग चैक किया और फिर कहने वालों के रेस्टोरेंट में कैमरे लगे हैं। नीचे कार में आकर पैसे पकड़ा दो। जैसे ही भाई बहन ने पैसों वाला बैग कार में रखा तो पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। स्विफ्ट डिजायर कार पर एवीएफ का स्टीकर लगा हुआ है। बैग में 4 लाख 50000 रुपए थे। पुलिस ने थाना रंजीत एवेन्यू में केस दर्ज किया है। अदालत में पेश किया। एडीसीपी सिटी-2 और आईपीएस अधिकारी वेनिला ने बताया कि पकड़े गए भाई बहन के खिलाफ पहले से ही कई केस दर्ज है।

