पंजाब डेस्क: फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। उपचार के दौरान एक लावारिस व्यक्ति की मौत होने के बाद अस्पताल कर्मचारियों ने उसका शव अस्पताल परिसर के बाहर फेंक दिया। सूचना मिलने पर अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखवाया। मामले में गंभीर लापरवाही सामने आने पर एक हाउस सर्जन (एच.जी. डॉक्टर) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, फिरोजपुर पुलिस करीब एक सप्ताह पहले घायल अवस्था में मिले एक लावारिस व्यक्ति को इलाज के लिए गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल लेकर आई थी। उसका उपचार अस्पताल के सर्जरी विभाग में चल रहा था। सोमवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। आरोप है कि सर्जरी विभाग में तैनात एक हाउस सर्जन के निर्देश पर अस्पताल कर्मचारियों ने शव को अस्पताल परिसर के पास स्थित रामबाग के निकट छोड़ दिया। जब राहगीरों ने शव देखा तो उन्होंने समाजसेवी संस्था सहारा सोसायटी के प्रधान अशोक भटनागर को इसकी सूचना दी।
उन्होंने पाया कि व्यक्ति के शरीर पर पट्टियां की हुई थी जिससे उन्हें तुरंत आभास हुआ कि यह अस्पताल का ही मरीज था। इसके बाद पुलिस भी मौके पर पहुंचे और सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन भी सक्रिय हुआ और शव को आनन फानन में मोर्चरी में रखवाया गया। इस मामले में डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि शव को मोर्चरी में रखवा दिया है और उसकी शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे है। सहारा सोसायटी के प्रधान अशोक भटनागर ने बताया कि अस्पताल कर्मचारियों ने नियमों की अनदेखी करते हुए शव को बाहर फेंक दिया। उन्होंने कहा कि नियमानुसार शव को मोर्चरी में रखकर तत्काल पुलिस को सूचना दी जानी चाहिए थी।
📍 Location: फरीदकोट (फरीदकोट)

