Site icon Dainik Savera Times

अमित शाह की मोगा रैली से पहले, हरपाल चीमा ने पंजाब के फंड और अधिकारों को लेकर BJP से पूछे सवाल

चंडीगढ़: पंजाब के मोगा में 14 मार्च को होने वाली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की रैली से पहले, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने गुरुवार को BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे और राज्य के BJP नेताओं से आग्रह किया कि वे इस कार्यक्रम के दौरान इन सवालों के जवाब मांगें।

चीमा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पंजाब के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया है। उसने कई योजनाओं के तहत राज्य के लिए तय हज़ारों करोड़ रुपये के फंड को रोक रखा है। इन योजनाओं में ग्रामीण विकास फंड (RDF), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की बार-बार की मांगों के बावजूद, बकाया फंड जारी नहीं किया गया है, जिससे राज्य में विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। चीमा ने आगे कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठकों में इस मुद्दे को कई बार उठाया गया था।

मंत्री ने पंजाब के जल अधिकारों से जुड़े विवादों का भी ज़िक्र किया, जिसमें लंबे समय से चला आ रहा सतलुज-यमुना लिंक नहर का मुद्दा और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड से जुड़े मामले शामिल हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि पंजाब अपने पानी के सही हिस्से पर कोई समझौता नहीं करेगा और किसी भी ऐसे कदम का विरोध करेगा जिससे राज्य के हितों को नुकसान पहुँचता हो।

चीमा ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित कृषि व्यापार समझौतों के भारतीय किसानों, विशेष रूप से पंजाब के किसानों पर पड़ने वाले संभावित असर पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार को यह साफ करना चाहिए कि क्या ऐसे समझौतों से स्थानीय किसानों के हितों को नुकसान पहुँच सकता है।

एक और मुद्दा उठाते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हाल में आई बाढ़ के दौरान पंजाब को लगभग ₹20,000 करोड़ का नुकसान हुआ था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से केवल ₹1,600 करोड़ की राहत राशि की घोषणा की गई। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार यह साफ करे कि घोषित राहत राशि कब जारी की जाएगी।

चीमा ने पंजाब के BJP नेताओं, जिनमें सुनील जाखड़, रवनीत सिंह बिट्टू और अश्विनी शर्मा शामिल हैं, से भी आग्रह किया कि वे रैली के दौरान इन चिंताओं को सीधे अमित शाह के सामने उठाएं।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार को पाकिस्तान के साथ पंजाब की 550 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा को सुरक्षित करने के लिए भी मज़बूत वित्तीय सहायता देनी चाहिए और MGNREGA योजना के मूल स्वरूप को बहाल करना चाहिए, जिससे राज्य में कई अनुसूचित जाति के परिवारों को मदद मिलती है।

चीमा ने कहा, “पंजाब के लोग सब कुछ बहुत करीब से देख रहे हैं। यह रैली सिर्फ़ राजनीतिक भाषणों के लिए नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें पंजाब की असली चिंताओं को दूर करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए।”

ये भी देखें : Som Pradosh Vrat: मार्च 2026 में दो बार रखा जाएगा सोम प्रदोष व्रत, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Exit mobile version