बठिंडा: जिले में नशे की समस्या और HIV/AIDS की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान ने जिला स्तरीय AIDS टास्क कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिए कि नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्रों में आने वाले मरीजों की AIDS जांच सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि नशे का सेवन करने वाले लोगों, खासकर इंजेक्शन के माध्यम से नशा लेने वालों में HIV संक्रमण का खतरा अधिक रहता है। कई मामलों में संक्रमित सुई या इंजेक्शन साझा करने से बीमारी फैल सकती है। इसी को देखते हुए सरकारी केंद्रों के साथ-साथ निजी नशा मुक्ति केंद्रों में भी जांच व्यवस्था को अनिवार्य बनाने पर जोर दिया गया है।
निजी नशा मुक्ति केंद्रों की होगी निगरानी
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि बठिंडा जिले में वर्तमान में 12 निजी नशा मुक्ति केंद्र संचालित हो रहे हैं, जिनकी निगरानी स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही है। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निजी केंद्रों को मरीजों की HIV/AIDS जांच करवाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग नियमित रूप से इस प्रक्रिया की समीक्षा करेगा और यदि किसी मरीज में HIV संक्रमण की पुष्टि होती है तो उसे जल्द से जल्द इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
27 ड्रग हॉट-स्पॉट गांवों में भी होगी जांच
बैठक के दौरान डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि पुलिस विभाग ने जिले के 27 गांवों को नशे के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया है। इन गांवों में नशे से प्रभावित लोगों की पहचान कर उनकी भी AIDS जांच करवाने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि HIV/AIDS एक गंभीर बीमारी है और संक्रमित व्यक्ति को लंबे समय तक उपचार की आवश्यकता होती है। सरकारी अस्पतालों में इसकी जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध है। मरीजों को ART सेंटरों के माध्यम से मुफ्त दवाएं भी दी जाती हैं।
स्कूलों में छात्रों को किया जाएगा जागरूक
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग को भी जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इसके तहत सरकारी और निजी सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में विद्यार्थियों को नशे और AIDS से बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि बच्चों तक प्रभावी संदेश पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रचनात्मक माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है। कार्टून पात्रों और आसान भाषा के जरिए छात्रों को जागरूक करने की योजना पर भी काम किया जाएगा।
अधिकारियों और संगठनों ने लिया हिस्सा
बैठक में जिला स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. सुखजिंदर सिंह गिल, ART सेंटर से जुड़े मेडिकल अधिकारी डॉ. राकेश गोयल, जिला बाल संरक्षण अधिकारी रवनीत कौर सिद्धू, जिला शिक्षा अधिकारी ममता खुराना सेठी सहित स्वास्थ्य विभाग, पंजाब AIDS कंट्रोल सोसाइटी और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ अभियान के साथ-साथ HIV/AIDS की रोकथाम के लिए जांच, इलाज और जागरूकता गतिविधियों को और तेज किया जाएगा।
मेष: दिन शुभ रहेगा...