नई दिल्ली : शिरोमणि अकाली दल 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए अपने पूर्व गठबंधन सहयोगी भाजपा के साथ “कोई गठबंधन नहीं” करेगा। शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता नरेश गुजराल ने बुधवार को एक न्यूज़ चैनल को बताया कि उनकी “पार्टी ने भाजपा के साथ कोई गठबंधन नहीं करने का विचार किया है।”
गुजराल ने कहा कि लोकसभा में शिअद सांसद हरसिमरनजीत कौर के पिछले दो भाषण-अविश्वास प्रस्ताव और महिला आरक्षण विधेयक के दौरान संकेतक थे कि शिअद भाजपा के साथ साझेदारी नहीं करेगी। उन्होंने बताया, “दोनों भाषणों में सरकार पर हमला योजनाबद्ध था और इसका मकसद यह संदेश देना था कि हम बीजेपी के साथ खड़े नहीं होना चाहते।”
भाजपा के साथ ‘कोई गठबंधन नहीं’ करने के फैसले पर विस्तार से बताते हुए गुजराल ने कहा, ‘शिअद एक क्षेत्रीय पार्टी है। हमारा फोकस पंजाब है। हमें (दिवंगत द्रमुक नेता) करुणानिधि मॉडल का पालन करना चाहिए… हर बार जब उनकी पार्टी हारती थी, तो वह राज्य में पार्टी की स्थिति को मजबूत करने के लिए मैदान में उतर जाते थे। चाहे हमें दिल्ली (केंद्र) में 4 या 5 सीटें मिलें, हमारे लिए कोई मायने नहीं रखता। हमें पंजाब में रहना होगा, अगले चुनाव के लिए तैयार रहना होगा।”
गुजराल ने कहा, ”भारत में पार्टियों का गठबंधन हमें बहुत बड़ा फायदा देता है।” उन्होंने आगे कहा, ”अगर पंजाब में कांग्रेस और आप का गठबंधन होता है, तो अकाली दल बड़े प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरता है, जमीन पर कैडर और नेताओं के साथ बड़ी ताकत बनती है।” राज्य में हाल ही में आई बाढ़ के दौरान भी ज़मीन पर एकमात्र लोग शिअद नेता ही थे।”

