चंडीगढ़: रबी सीजन की कटाई को ध्यान में रखते हुए गेहूं खरीद व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मुख्य सचिव श्री अनुराग वर्मा ने आज सभी जिलों के उपायुक्तों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की. वर्मा ने कहा कि गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरू हो रही है और इसे सुचारु रूप से करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गयी हैं.

मुख्य सचिव वर्मा ने कहा कि पंजाब में 35.07 लाख हेक्टेयर में गेहूं की बुआई हुई है और 161.30 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उत्पादन होने की उम्मीद है. खरीद के लिए 30,776.36 करोड़ रुपये की नकद ऋण सीमा (सीसीएल) की आवश्यकता है और इसमें से 27077.91 करोड़ रुपये अप्रैल महीने के लिए प्राप्त हो चुके हैं और शेष राशि मई महीने के लिए निकाली जाएगी। पंजाब मंडी बोर्ड द्वारा 1908 नियमित खरीद केंद्रों की घोषणा की गई है और खरीद एजेंसियों के प्रस्ताव के अनुसार इन्हें विभिन्न एजेंसियों को आवंटित किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने उपायुक्तों से कहा कि खरीद के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और मंडियों में सुचारू खरीद व्यवस्था के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए. किसानों को खरीद के तुरंत बाद भुगतान किया जाए ताकि किसी भी किसान को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बैठक में मौके पर मौजूद उपायुक्तों से कहा कि खरीद एजेंसी से संबंधित जो भी मामला लंबित है, उस पर अभी से विचार कर लिया जाये, ताकि खरीद के दौरान कोई कठिनाई न हो.
बैठक में प्रमुख सचिव खाद्य एवं सिविल सप्लाई विकास गर्ग, सचिव वित्त गुरप्रीत कौर सपरा, पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन के एम.डी. कंवलप्रीत कौर बराड़, पनास्प की एमडी। सोनाली गिरि, निदेशक खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति पुनीत गोयल, सचिव पंजाब मार्केटिंग बोर्ड अमृत कौर गिल, एफ.सी.आई महाप्रबंधक बी. श्रीनिवासन, मार्कफेड के एमडी। गिरीश दयालन, अतिरिक्त सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति कमल गर्ग उपस्थित थे।