लुधियाना: अलायंस ऑफ सिख ऑर्गेनाइजेशन ने चावला मामले में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी की जारी डिपार्टमेंटल जांच रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। संगठन के नेताओं ने दावा किया कि रिपोर्ट ने मामले को साफ करने के बजाय कई नए शक पैदा किए हैं।
अलायंस के नेता सुखदेव सिंह फगवाड़ा ने कहा कि 21 अगस्त, 2026 को श्री आनंदपुर साहिब में दर्ज FIR से जुड़ी शुरुआती जांच रिपोर्ट करीब 47 दिन बाद जारी की गई। उन्होंने जांच रिपोर्ट में बहरीन की एक महिला को हॉस्टल में रखने और धर्म प्रचार फंड से एक लाख रुपये की मदद देने के बारे में कई सवाल उठाए।
फगवाड़ा ने दावा किया कि अगर वह महिला कई महीनों से हॉस्टल में रह रही थी, तो उसे सिर्फ आठ दिन रहने का दिखाने का क्या आधार है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यह साबित करने के लिए क्या आधार या जांच की गई कि उसे धर्म प्रचार फंड से दी गई रकम की जरूरत थी। अलायंस लीडर परमपाल सिंह सबरा ने भी जांच प्रोसेस पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मामले से जुड़े कुछ ही अधिकारियों को जांच से जुड़ी ज़िम्मेदारियां देना निष्पक्षता पर सवाल उठाता है। उन्होंने SGPC प्रेसिडेंट के इस्तीफे की भी मांग की।
नेताओं ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच एक सिख जज के नेतृत्व में विद्वानों की एक कमेटी से करवाई जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर 251 सदस्यों का जत्था 11 अक्टूबर को श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास करेगा और जत्थेदार को एक मेमोरेंडम सौंपेगा। इस मौके पर परमिंदर सिंह, गुरसाहिब सिंह और जरनैल सिंह गढ़दीवाल समेत दूसरे लीडर भी मौजूद थे।
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