अमृतसर: पंजाब सरकार द्वारा किसानों के हितों की रक्षा तथा सब्सिडी वाले यूरिया के दुरुपयोग को रोकने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत आज कृषि मंत्री सरदार गुरमीत सिंह खुड्डियां और निदेशक कृषि, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, पंजाब गुरजीत सिंह बराड़ के निर्देशों और मुख्य कृषि अधिकारी अमरजीत सिंह दोसांझ के नेतृत्व में जिले की विभिन्न फीड फैक्ट्रियों एवं डाइंग यूनिटों की औचक जांच की गई। जांच के दौरान किसी भी औद्योगिक इकाई में कृषि उपयोग के लिए उपलब्ध कराए जाने वाले सब्सिडी वाले यूरिया का उपयोग अथवा भंडारण नहीं पाया गया।
इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी अमरजीत सिंह दोसांझ ने बताया कि कृषि ग्रेड नीम-कोटेड यूरिया पर सरकार द्वारा किसानों की सुविधा के लिए भारी सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसलिए इसका उपयोग केवल कृषि कार्यों के लिए ही अनुमत है। उन्होंने बताया कि फीड फैक्ट्रियों एवं अन्य औद्योगिक इकाइयों के लिए सरकार द्वारा तकनीकी ग्रेड यूरिया उपलब्ध कराया जाता है, जिस पर किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं दी जाती।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से विभाग द्वारा भविष्य में भी इस प्रकार की औचक जांच निरंतर जारी रहेगी। यदि किसी फीड फैक्ट्री अथवा अन्य औद्योगिक इकाई में सब्सिडी वाले यूरिया का उपयोग या डायवर्जन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर कृषि अधिकारी, वेरका रमन कुमार, कृषि अधिकारी, चोगावां बलविंदर सिंह छीना, कृषि विकास अधिकारी (प्रवर्तन) डॉ. परजीत सिंह तथा कृषि विकास अधिकारी, वेरका गुरजीत सिंह भी उपस्थित थे।
📍 Location: Amritsar (Amritsar)

