पंजाब डेस्क: अमृतसर जिले के मजीठा इलाके में एएसआई जोगा सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्टर वायरल हो रहा है, जिसमें आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) ने इस हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस वायरल पोस्टर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
ड्यूटी पर जाते समय हुआ हमला
जानकारी के अनुसार पंजाब पुलिस के ट्रैफिक विंग में तैनात एएसआई जोगा सिंह रविवार सुबह अपनी स्कूटी पर ड्यूटी के लिए अमृतसर जा रहे थे। सुबह करीब 6 बजे मजीठा से कुछ दूरी पहले बाइक सवार दो अज्ञात हमलावरों ने उनका रास्ता रोक लिया और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
हमले में उन्हें दो गोलियां लगीं एक छाती के बाएं हिस्से में और दूसरी कमर में। गंभीर रूप से घायल होने के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सुबह का समय होने के कारण आसपास तुरंत कोई मदद नहीं पहुंच सकी।
पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेर लिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से गोलियों के खोल और अन्य अहम सबूत बरामद किए हैं। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से सैंपल जुटाए हैं।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वायरल पोस्टर में TTH का दावा
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्टर में लिखा गया है कि तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान के अल-बुरक गुट ने एएसआई जोगा सिंह की हत्या की जिम्मेदारी ली है। पोस्टर में दावा किया गया कि संगठन के “मुजाहिदीनों” ने इस वारदात को अंजाम दिया। हालांकि पुलिस फिलहाल इस पोस्टर की सत्यता की जांच कर रही है।
गुरदासपुर के रहने वाले थे जोगा सिंह
एएसआई जोगा सिंह गुरदासपुर जिले के बांगड़ क्षेत्र के गांव घणिए के निवासी थे। वे लंबे समय से पंजाब पुलिस में सेवाएं दे रहे थे और वर्तमान में ट्रैफिक विभाग में तैनात थे।
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पहले भी TTH ले चुका है जिम्मेदारी
गौरतलब है कि इसी साल 22 फरवरी को गुरदासपुर में आदियां पुलिस चौकी में एएसआई गुरनाम सिंह और होमगार्ड जवान अशोक कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में भी तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान ने हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। फिलहाल पुलिस इस मामले में हर पहलू की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वायरल पोस्टर और हमले के पीछे की सच्चाई क्या है।

