Amritsar Launches 100-Day Child Marriage Awareness Drive : अमृतसर। बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए अमृतसर में 100 दिवसीय ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान के तहत जागरूकता गतिविधियां तेज की जाएंगी। डिस्ट्रिक्ट यूथ डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन की टीम ने जिला बाल संरक्षण अधिकारी तरनजीत सिंह और जिला जनसंपर्क अधिकारी योगेश कुमार शर्मा के साथ बैठक कर अभियान की रूपरेखा तैयार की। इसके तहत जिले के गांवों और शहरी इलाकों में रैलियां, जागरूकता कार्यक्रम, शपथ समारोह और सामुदायिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
सबसे पहले, ‘डिस्ट्रिक्ट यूथ डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन’ की टीम ने अमृतसर स्थित ज़िला बाल संरक्षण इकाई में ज़िला बाल संरक्षण अधिकारी, श्री तरनजीत सिंह से मुलाकात की। इस बैठक में ‘बाल विवाह मुक्त दिवस’ (जो 27 नवंबर को मनाया जाता है) के अवसर पर पूरे अमृतसर ज़िले में बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने और 100 दिवसीय ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के दौरान, ‘डिस्ट्रिक्ट यूथ डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन’ की टीम ने बताया कि इस अभियान के तहत अमृतसर ज़िले के विभिन्न गांवों और इलाकों में जागरूकता कार्यक्रम, रैलियां, विशेष अभियान, शपथ ग्रहण समारोह और सामुदायिक स्तर की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
इसके अलावा, इस पहल में पंचायतों, स्कूलों, धार्मिक संस्थानों, धार्मिक नेताओं, युवाओं, महिलाओं और आम जनता को शामिल करके बाल विवाह के खिलाफ व्यापक जन जागरूकता पैदा करने पर ज़ोर दिया गया। ज़िला बाल संरक्षण अधिकारी, श्री तरनजीत सिंह ने आश्वासन दिया कि ज़िला बाल संरक्षण इकाई इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए हर संभव सहयोग देगी। बैठक में इस बात पर ज़ोर दिया गया कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को प्रशासन, बाल संरक्षण विभाग, पुलिस, पंचायतों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक नेताओं और आम जनता के सामूहिक प्रयासों से ही खत्म किया जा सकता है।
इसके बाद, ‘डिस्ट्रिक्ट यूथ डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन’ की टीम ने ज़िला जनसंपर्क अधिकारी, योगेश कुमार शर्मा के साथ भी बैठक की। इस बैठक में एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर चर्चा हुई, जिसमें समाचार पत्रों, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और अन्य प्रचार माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, जिससे कि ‘बाल विवाह मुक्त’ पहल का संदेश ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुँच सके। संस्था ने इस बात पर जोर दिया कि मीडिया के माध्यम से बाल विवाह के बुरे प्रभावों और इसे रोकने के बारे में समाज के हर वर्ग तक संदेश पहुँचाया जा सकता है। ‘डिस्ट्रिक्ट यूथ डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन’ के अध्यक्ष, श्री परमजीत सिंह बडोला ने कहा, “बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।
यह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य पर बुरा असर डालता है। बाल विवाह को खत्म करने के लिए समाज के हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता का संदेश अमृतसर जिले के हर गाँव और समुदाय तक पहुँचे, ताकि सामूहिक प्रयासों से अमृतसर को बाल विवाह मुक्त बनाया जा सके।” ‘डिस्ट्रिक्ट यूथ डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन’ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, डॉ. अमित चोपड़ा ने बताया कि यह संस्था ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन’ के साथ मिलकर बच्चों के अधिकारों की रक्षा और बाल विवाह को रोकने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि आने वाले 100 दिनों के अभियान के दौरान, जिले भर से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर बाल विवाह के खिलाफ एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। ‘डिस्ट्रिक्ट यूथ डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन’ की टीम ने जिला प्रशासन, संबंधित विभागों, पंचायतों, धार्मिक नेताओं, मीडिया और आम जनता से अपील की है कि वे 27 नवंबर को ‘बाल विवाह मुक्त दिवस’ (चाइल्ड मैरिज-फ्री डे) पर आयोजित कार्यक्रमों और पूरे 100 दिनों के अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें, और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने में सहयोग करें।

