अमृतसर: शहर के करीब 1,055 किराएदार दुकानदारों को पंजाब सरकार की “मेरी दुकान मेरे नाम” स्कीम के तहत फायदा मिलना तय है। अमृतसर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र के MLA डॉ. अजय गुप्ता ने नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर डॉ. जय इंदर सिंह, एस्टेट ऑफिसर धरमिंदर जीत सिंह, नगर निगम के अधिकारियों और नगर निगम के किराएदार दुकानदारों के साथ मीटिंग की।
मीटिंग के दौरान MLA डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि पंजाब सरकार की इस फायदेमंद स्कीम का फायदा दुकानदारों को बहुत कम रेट पर मिलेगा। MLA डॉ. गुप्ता ने कहा कि 2008 से नगर निगम की किराए की दुकानों पर काबिज दुकानदारों को इस स्कीम का फायदा मिलेगा। उन्होंने सभी दुकानदारों से 6 नवंबर तक फॉर्म भरने की अपील की।
MLA डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि सभी किराएदार दुकानदार बिना किसी फीस के फॉर्म लेकर भर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए नगर निगम के एस्टेट डिपार्टमेंट में एक स्पेशल टीम बनाई गई है। सभी अधिकारी कैंप लगाकर किराएदार दुकानदारों की पूरी मदद करेंगे। सभी किराएदार दुकानदार 6 नवंबर से पहले फॉर्म फ्री में भरकर नगर निगम में जमा कर सकते हैं।
MLA ने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से नगर निगम को अलॉट की गई किराए की दुकानों के एरिया के आधार पर 3 लाख तक की सालाना इनकम वाले लोगों को कलेक्टर रेट का सिर्फ 12.5 परसेंट देना होगा; 3 लाख से 8 लाख की सालाना इनकम वाले लोगों को कलेक्टर रेट का सिर्फ 25 परसेंट देना होगा; और 8 लाख से 15 लाख की सालाना इनकम वाले लोगों को कलेक्टर रेट का 50 परसेंट देना होगा।
इसके बाद दुकानदारों को पंजाब सरकार की “मेरी दुकान, मेरे नाम” स्कीम का फायदा दिया जाएगा और दुकान उनके नाम पर रजिस्टर कर दी जाएगी। MLA डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि सीनियर सिटिजन को 10 परसेंट डिस्काउंट, महिलाओं को 10 परसेंट डिस्काउंट और एक हफ्ते के अंदर पूरा पेमेंट करने वालों को 5 परसेंट डिस्काउंट मिलेगा।
MLA डॉ. अजय गुप्ता ने नगर निगम के सभी किराएदारों से पंजाब सरकार की इस स्कीम का फायदा उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि 30 नवंबर से पहले सभी को “मेरी दुकान, मेरे नाम” स्कीम का फायदा मिल जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार की इस स्कीम से किसी को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने सभी दुकानदारों से अपील की कि वे जल्द से जल्द इस स्कीम के तहत फ्री फॉर्म भरें। MLA डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि नगर निगम की दुकान के किराएदार को जब रजिस्ट्रेशन करवाना होता है, तो रजिस्ट्रेशन प्रोसेस से पहले किराएदार को सारा पुराना बकाया देना होता है। इस बारे में किसी को कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

