अमृतसर। आम आदमी पार्टी के लापता सरपंच और पूर्व सैनिक कुलजीत सिंह की लाश मिलने के बाद कांग्रेस नेता एवं सांसद गुरजीत सिंह औजला के भाई सुखजिंदर सिंह ‘सुख’ औजला ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक सरपंच और पूर्व सैनिक की मौत का नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था और पूरे सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
सुख औजला ने कहा कि कुलजीत सिंह का मोबाइल करीब 14 घंटे तक ऑन था। इस दौरान उसकी लोकेशन अलग-अलग स्थानों पर मिलती रही, लेकिन इसके बावजूद उसे समय रहते ट्रेस नहीं किया जा सका। उन्होंने दावा किया कि मोबाइल की लोकेशन कभी कमालपुर, कभी पंडोरी और कभी कोटरयजादा क्षेत्र में बताई जा रही थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस और प्रशासन ने परिवार की शिकायत के बाद गंभीरता से तलाश की होती तो शायद आज परिवार को यह दिन नहीं देखना पड़ता। सुख औजला ने कहा कि आधुनिक तकनीक के दौर में मोबाइल लोकेशन के आधार पर किसी व्यक्ति तक पहुंचना संभव है, इसलिए इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए कि तलाश में देरी क्यों हुई।
सुख औजला ने कुलजीत सिंह की मौत को हत्या बताते हुए कहा कि उन्हें इसमें 100 प्रतिशत हत्या का संदेह है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से घटना हुई है, उससे यह आशंका भी है कि हत्या की योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया गया हो।
लाश मिलने के बाद उसकी स्थिति को लेकर भी सुख औजला ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि कुलजीत सिंह कई दिनों से लापता था तो इतने समय तक उसकी लाश पुलिस और तलाश कर रहे लोगों की नजर में क्यों नहीं आई, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर दो दिन से लाश यहां पड़ी थी तो किसी की नजर क्यों नहीं पड़ी, न ही किसी जानवर ने हमला किया। उन्होंने इस पहलू को लेकर भी वैज्ञानिक तरीके से जांच किए जाने की मांग की।
सुख औजला ने सरकार और प्रशासन से मांग की कि कुलजीत सिंह का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के बोर्ड से करवाया जाए, ताकि मौत की सही वजह सामने आ सके। उन्होंने कहा कि परिवार को हर हाल में इंसाफ मिलना चाहिए और जब तक इंसाफ नहीं मिलता, वे परिवार के साथ खड़े रहेंगे।
उन्होंने कहा कि मामले को पंजाब स्तर से लेकर संसद तक उठाया जाएगा और परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
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