
Amritsar Villages to Adopt Four-Way Waste Segregation : अमृतसर। जिले के गांवों को साफ-सुथरा बनाने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना में तेजी लाई जाएगी। अतिरिक्त उपायुक्त (ग्रामीण विकास) पल्लवी मिश्रा ने अधिकारियों और सरपंचों को घर-घर से कचरा उठाने, गीले-सूखे कचरे सहित चार श्रेणियों में कचरे का पृथक्करण करने और वैज्ञानिक तरीके से निपटान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के गांवों में ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट’ (ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना) को प्रभावी ढंग से लागू करना और गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाना था। बैठक के दौरान, अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि जिले के सभी गांवों में ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट’ के तहत जरूरी इंतजाम किए जाने चाहिए, जिससे कि गांव साफ-सुथरे रहें और वहां कचरा न फैले। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से गांवों में निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से निपटान किया जा सकेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग करने और उसके उचित निपटान के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए।
उन्होंने गांवों में कचरे को चार श्रेणियों में अलग-अलग करने की प्रणाली (फोर-वे वेस्ट सेग्रीगेशन सिस्टम) लागू करने पर जोर दिया, जिसके तहत गीला कचरा, सूखा कचरा, सैनिटरी कचरा और खतरनाक कचरे को अलग-अलग इकट्ठा किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिए कि गांवों के स्तर पर घरों से कचरा उठाने के लिए गाड़ियां और अन्य जरूरी इंतजाम किए जाएं, ताकि लोगों को उनके घर से ही कचरा उठने की सुविधा मिल सके और खुले में कचरा फेंकने की समस्या खत्म हो सके।
उन्होंने ‘राउंडग्लास फाउंडेशन’ के समन्वयक श्री रेशम सिंह को निर्देश दिए कि वे अधिक से अधिक गांवों में ठोस कचरा प्रबंधन की गतिविधियों में तेजी लाएं और संबंधित पंचायतों के साथ समन्वय करके जमीनी स्तर पर इस परियोजना की सफलता सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी सरपंचों, ब्लॉक विकास अधिकारियों और पंचायत सचिवों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं और लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि गांवों को स्वच्छ और स्वस्थ बनाया जा सके। इस बैठक में जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के उप-विभागीय अभियंता, BRC, CDS, तथा विभिन्न गांवों के सरपंच और पंचायत सचिव मौजूद थे।
मेष: दिन शुभ रहेगा...