मुल्लांपुर दाखा: चाइना डोर के कारण हो रहे हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामले में गांव रकबा निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग रंजीत सिंह चाइना डोर की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना से क्षेत्र में एक बार फिर चाइना डोर की खतरनाक बिक्री और उपयोग को लेकर चिंता बढ़ गई है। घटना के संबंध में घायल के पुत्र अवतार सिंह ने बताया कि उनके पिता रंजीत सिंह किसी काम से मोटरसाइकिल पर सवार होकर मुल्लांपुर शहर गए थे। वापसी के दौरान शाम करीब चार बजे जब वह रेलवे ओवरब्रिज से नीचे उतर रहे थे, तभी अचानक चाइना डोर उनकी आंखों के ऊपर माथे में फंस गई। डोर की धार इतनी तेज थी कि उनके माथे और आंख के पास गहरा कट लग गया और खून बहने लगा।
रंजीत सिंह ने हिम्मत दिखाते हुए तुरंत सीरत नर्सिग होम में इलाज करवाया, जहां डॉक्टरों ने उनके माथे और आंख के पास 14 टांके लगाए। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है लेकिन चोट काफी गंभीर थी। अवतार सिंह ने कहा कि सिर्फ चाइना डोर ही नहीं, बल्कि अन्य प्रकार की डोरें भी उससे कहीं अधिक खतरनाक हैं। उन्होंने बताया कि चाइना डोर प्लास्टिक की होती है, जबकि कई अन्य डोरों पर कांच या धारदार पदार्थ लगाए जाते हैं, जो इंसान के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि ऐसी खतरनाक डोरों की बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
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