चंडीगढ़: पंजाब के पशुपालन मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मंगलवार को श्री मुक्तसर साहिब जिले के लम्बी निर्वाचन क्षेत्र से राज्य में कृमि मुक्ति अभियान की शुरुआत की। खुदियां ने बताया कि पंजाब सरकार ने 7.78 करोड़ रुपए की लागत से पशुओं के लिए कृमिनाशक दवा खरीदी है। यह दवा राज्य भर के किसानों को मुफ्त में वितरित की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को इस सप्ताह के भीतर कृमि मुक्ति अभियान पूरा करने के निर्देश देते हुए बताया कि पशुपालन विभाग ने किसानों तक सीधे कृमि मुक्ति दवा पहुंचाने के लिए 2000 से अधिक टीमें गठित की हैं।
जो लोग वितरण से चूक जाएंगे, उनके लिए यह दवा उनके निकटतम पशु चिकित्सा संस्थान में निःशुल्क उपलब्ध होगी। उन्होंने बताया कि पूरे पंजाब में गायों/भैंसों और बछड़ों को कृमि मुक्त करने के लिए एएससीएडी स्कीम के तहत कृमि मुक्त दवाएं वितरित की जा रही हैं। उल्लेखनीय रूप से, यह दूसरा कृमि मुक्ति अभियान है, जिसका दूध उत्पादन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है और इस प्रकार किसानों की आय में वृद्धि होगी। पिछले साल के अभियान को पशुपालकों ने खूब सराहा था, उन्होंने इस साल भी इसे दोहराने का अनुरोध किया था।
पशुपालन, मत्स्य एवं डेयरी विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री राहुल भंडारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पशुओं वाले प्रत्येक घर में कृमिनाशक दवा का समय पर वितरण सुनिश्चित करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि राज्य के सभी पशुओं को कृमि मुक्त किया जाएगा, जिससे दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुओं की प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करने में मदद मिलेगी। पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. जी.एस. बेदी ने बताया कि टीकाकरण से पहले पशुओं को कृमि मुक्त करने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और टीकाकरण की प्रभावशीलता में सुधार होता है।
उन्होंने सभी पशुपालकों से आग्रह किया कि वे इस माह के मध्य में शुरू होने वाले खुरपका-मुंहपका टीकाकरण अभियान से पहले अपने पशुओं को कृमि मुक्त कर दें, ताकि स्वस्थ पशुधन तैयार हो सके और राज्य से खुरपका-मुंहपका रोग का उन्मूलन हो सके। राज्य भर के सभी सिविल पशु चिकित्सा अस्पतालों और सिविल पशु चिकित्सा औषधालयों में कृमिनाशक दवाएं उपलब्ध हैं, तथा इन्हें निकटतम पशु चिकित्सा संस्थानों से निःशुल्क प्राप्त किया जा सकता है।

