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चंडीगढ़ निगम में 75 करोड़ का एक और घोटाला: 303 ट्रांजेक्शन में गड़बड़ी; कई कर्मचारियों पर FIR दर्ज

₹75 Crore Scam in Chandigarh Corporation

₹75 Crore Scam in Chandigarh Corporation

पंजाब डेस्क: चंडीगढ़ में नगर निगम की 116.84 करोड़ रुपए की फर्जी एफडी मामले के बाद अब एक और बड़ा घोटाला सामने आया है। इस बार चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसायटी (क्रेस्ट) के खाते से करीब 75.16 करोड़ रुपए की अनियमितताएँ उजागर हुई हैं।

पुलिस के अनुसार, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, सेक्टर-32 की पूर्व शाखा प्रबंधक रिभव ऋषि ने बैंक के कुछ कर्मचारियों और निजी लोगों के साथ मिलकर यह गड़बड़ी की। क्रेस्ट की शिकायत पर गुरुवार को चंडीगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

303 ट्रांजेक्शन के जरिए गड़बड़ी

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने कुल 303 लेन-देन के जरिए क्रेस्ट के खाते से 75 करोड़ 16 लाख 4 हजार 293 रुपए का नुकसान किया। यह रकम कई बार निकालकर और जमा करके लंबी अवधि तक छुपाई गई।

आरोपी और गिरफ्तारी की तैयारी

इस मामले में पूर्व बैंक मैनेजर रिभव ऋषि, पूर्व कर्मचारी सीमा धीमान, अभय कुमार और अन्य अज्ञात बैंक कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। बताया जा रहा है कि रिभव ऋषि फिलहाल हरियाणा की जेल में बंद हैं। पुलिस अब आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट के जरिए पेश करने की तैयारी कर रही है और सभी से आमने-सामने पूछताछ की जाएगी।

सोलर सब्सिडी से जुड़ा मामला

क्रेस्ट सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए सब्सिडी प्रदान करने वाली संस्था है। सरकारी इमारतों, अस्पतालों और आवासों की छतों पर सोलर पैनल लगाने और आम जनता के लिए सोलर प्लांट सब्सिडी इसी संस्था द्वारा दी जाती है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि 75.16 करोड़ रुपए की गड़बड़ी इसी सब्सिडी फंड से की गई है। पुलिस को शक है कि इस घोटाले में क्रेस्ट का कोई कर्मचारी भी शामिल हो सकता है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

नगर निगम अधिकारियों से भी पूछताछ हो सकती है

इससे पहले नगर निगम की 116.84 करोड़ की फर्जी एफडी मामले की जांच चल रही है। इस मामले में पुलिस नगर निगम के अकाउंट्स ब्रांच और डेपुटेशन पर गए अधिकारियों से भी पूछताछ कर सकती है, क्योंकि उस समय एफडी की प्रक्रिया इन्हीं अधिकारियों के नियंत्रण में थी।

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स्टेटमेंट क्रॉस चेक से पता चला था घोटाला

हरियाणा सरकार से जुड़े 590 करोड़ रुपए के घोटाले के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने सभी विभागों को अपने बैंक स्टेटमेंट क्रॉस चेक करने के निर्देश दिए थे। नगर निगम की एफडी का सच सामने आने के बाद क्रेस्ट ने भी अपने खाते की स्टेटमेंट की समीक्षा की, जिससे करोड़ों रुपए की गड़बड़ी उजागर हुई।

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