फिरोजपुर: पंजाब सरकार की नशे के विरुद्ध चल रही मुहिम के अंतर्गत पुलिस और जिला प्रशासन ने फिरोजपुर शहर के नशा प्रभावित इलाकों में पहुंचकर लोगों से सीधा संवाद किया। इस दौरान डीआईजी फिरोजपुर रेंज स्नेहदीप शर्मा, एसएसपी फिरोजपुर भूपिंदर सिंह सिद्धू और अतिरिक्त उपायुक्त (विकास) कृष्ण पाल राजपूत ने स्थानीय निवासियों से मुलाकात कर नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि इस सामाजिक बुराई को समाप्त करने के लिए प्रशासन का सहयोग करें और नशे से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाएं।
दौरे के दौरान अधिकारियों ने कहा कि नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि आम नागरिकों, परिवारों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को नशे से बचाने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
राय सिख भवन की मरम्मत को लेकर हुई बात
क्षेत्र के दौरे के दौरान अधिकारियों ने राय सिख भवन का निरीक्षण भी किया। भवन की खराब स्थिति को देखते हुए इसकी साफ-सफाई और मरम्मत करवाकर दोबारा उपयोग योग्य बनाने के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। इस पहल का उद्देश्य उपलब्ध सामुदायिक संसाधनों को बेहतर बनाना और स्थानीय स्तर पर उनकी उपयोगिता बढ़ाना है।
नशा मुक्ति केंद्र में उपचार सुविधाओं की समीक्षा
इसके बाद अधिकारियों ने सिविल अस्पताल फिरोजपुर स्थित नशा मुक्ति केंद्र का दौरा कर वहां मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और उपचार व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आए लोगों को सही उपचार, पुनर्वास और सामाजिक समर्थन उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है, ताकि वे स्वस्थ जीवन की ओर लौट सकें और समाज की मुख्यधारा से दोबारा जुड़ सकें।
डीआईजी स्नेहदीप शर्मा ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान को सफल बनाने में जनता की भूमिका पुलिस के प्रयासों के समान महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से नशीले पदार्थों की तस्करी संबंधी जानकारी साझा करने और युवाओं को इस बुराई से बचाने के लिए परिवारों तथा समाज को मिलकर काम करने की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नशे के कारोबार और इसके दुरुपयोग पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस आवश्यक कार्रवाई जारी रखेगी।
जागरूकता और सहानुभूति से मिलेगी नशे की समस्या से लड़ने में मदद
अतिरिक्त उपायुक्त (सामान्य) कृष्ण पाल राजपूत ने नशे की समस्या से निपटने के लिए जागरूकता अभियान, चिकित्सा सहायता और सामाजिक सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को उपेक्षा या भेदभाव का सामना कराने के बजाय उन्हें उपचार के लिए प्रेरित करना चाहिए। प्रशासन लोगों की समस्याओं और शिकायतों को सुनने के साथ उनके समाधान के लिए भी प्रयासरत है।
इस अवसर पर डीएसपी सुखविंदर सिंह, नगर काउंसिल के कार्यकारी अधिकारी नरिंदर कुमार, एसएमओ डॉ. निखिल गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ अभियान का उद्देश्य तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ नशे से प्रभावित लोगों को उपचार और पुनर्वास के माध्यम से बेहतर भविष्य की ओर ले जाना है। इसके लिए पुलिस, सिविल प्रशासन और आम जनता के बीच समन्वय को लगातार मजबूत किया जाएगा।

